Gold Price: गोल्ड खरीदने में क्या लोगों की दिलचस्पी घट गई है, सरकारी स्कीम में नहीं लगा रहे हैं पैसा

Gold Price Today in India: 2015 के बाद सरकारी गोल्ड स्कीम में लोगों ने जमकर पैसा लगाया। लेकिन इस साल सरकार ने एक ऐसा फैसला लिया जिसके बाद से गोल्ड की सरकारी स्कीमों में लोगों की दिलचस्पी घट घई और साथ ही लगातार गिर रहा है सोने का भाव

अपडेटेड Aug 15, 2024 पर 11:51 PM
Gold Rate Today in India: गोल्ड कभी बुरे दौर का साथी माना जाता था लेकिन अब क्यों इसमें निवेशकों की दिलचस्पी घट रही है

Gold Price: गोल्ड को अभी तक हर बुरे दौर का साथी माना जाता था। लेकिन पिछले कुछ हफ्तों में गोल्ड प्राइस में जो गिरावट आई है उसके बाद अभी तक यह अपने पुराने लेवल पर नहीं पहुंच पाया है। गुरुवार 15 अगस्त को भी सोने के भाव में कमी आई है। 24 और 22 कैरेट सोने का भाव आज 250 रुपए तक सस्ता हुआ है। मुंबई में 24 कैरेट गोल्ड का रेट 71,500 रुपए प्रति 10 ग्राम और दिल्ली में 71,650 रुपए प्रति 10 ग्राम है।

बजट से पहले गोल्ड का रेट करीब 75,000 रुपए प्रति 10 ग्राम चल रहा था। लेकिन सरकार ने जैसे ही गोल्ड पर कस्टम ड्यूटी 15 फीसदी से घटाकर 6 फीसदी करने का ऐलान किया गोल्ड की कीमत गिर गई और अभी तक वह अपने पुराने लेवल पर नहीं आ पाई है।

जहां पिछले कुछ साल में गोल्ड में लगातार निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ती रही है अब उतना इंटरेस्ट नहीं दिख रहा है। अभी तक फिजिकल गोल्ड की जगह पेपर गोल्ड यानि सॉवरेन बॉन्ड में भी निवेशक जमकर पैसा लगा रहे थे। लेकिन अब इस बात का आशंका है कि सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में पहले वाली बात नहीं रही।


सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड का भाव धड़ाधड़ गिर रहा है

अगस्त की शुरुआत में RBI ने 5 अगस्त, 2016 को जारी किए गए सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की एक यूनिट की कीमत 6,938 रुपये ऐलान किया। यह 12.6 फीसदी XIRR रिटर्न है। यहां XIRR का मतलब Extended Internal Rate of Return है जो एक तरह एक फाइनेंशियल मीट्रिक है। इससे इनवेस्टमेंट पोर्टफोलियो का सालाना रिटर्न कैलकुलेट किया जाता है।

अगर 23 जुलाई के बाद कीमतों नहीं गिरी होती तो RBI की तरफ से एक यूनिट की तय कीमत ज्यादा होती। 8 साल पहले जारी इस किस्त में प्रति ग्राम सोने की कीमत 3,119 रुपये रखी गई थी। 22 जुलाई के बाद से गोल्ड की कीमत इस किस्त की मेच्योरिटी तारीख तक करीब 5 फीसदी गिर चुकी है। अगले छह महीनों में एसजीबी की और दो किस्ते मैच्योर करेंगी।

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड यानि SGB का मैच्योरिटी पीरियड 8 साल है। इसकी कीमतें फिजिकल गोल्ड की कीमत से लिंक्ड होती है। SGB स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट होते हैं। उदाहरण के लिए SGB 2016-17 सीरीज IV की कीमत 22 जुलाई से 9 अगस्त के बीच 8 फीसदी तक गिरी है। SGB की दूसरी किस्तों में भी ऐसी ही कमजोरी देखने को मिली है। इसका असर निवेशकों के रिटर्न पर पड़ा है।

क्या मेच्योरिटी से पहले SGB तोड़ सकते हैं

SGB को मेच्योरिटी से पहले भी रिडीम कराया जा सकता है। इसे 5 साल के बाद रिडीम कराया जा सकता है। अगले छह महीनों में एसजीबी की ऐसी 22 किस्ते हैं, जिन्हें मैच्योरिटी से पहले रिडीम कराया जा सकेगा। अगर गोल्ड की कीमतों में कमजोरी बनी रहती है तो निवेशक इसे मैच्योरिटी से पहले रिडीम करा सकते हैं। सरकार ने फिजिकल गोल्ड में निवेश का विकल्प लोगों को देखने के लिए एसजीबी शुरूकिया था। 2015 में लॉन्च के बाद से लोगों ने एसजीबी में अच्छी दिलचस्पी दिखाई थी।

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