Gold Price: इस वक्त सोने की कीमत 10 ग्राम पर करीब 1 लाख रुपये के आसपास पहुंच गई है। ऐसे में लोग नए गहने खरीदने की बजाय अपने पुराने गहने बेचने या एक्सचेंज करने का रास्ता अपना रहे हैं। इस बार शादी के सीजन में भी नई खरीदारी में कमी देखी गई है। परंपरागत रूप से जहां शादी-ब्याह में सोने की जोरदार खरीद होती थी, वहीं अब ग्राहक सोच-समझकर कदम उठा रहे हैं। Gold Rate: क्या आप क्या बिना हॉलमार्क वाले पुराने गहने बेच सकते हैं?
महंगे दामों पर नया सोना खरीदने से बचने के लिए लोग पुराने गहने एक्सचेंज कर रहे हैं। इससे उन्हें न केवल नई खरीद पर मेकिंग चार्ज और GST का खर्च बचता है, बल्कि पुराने गहनों के बढ़े हुए भाव का फायदा भी मिल रहा है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट (19 फरवरी) के मुताबिक जब नवंबर में सोने की कीमत गिरी थी, तब कई लोगों ने खरीदारी कर ली थी। अब कीमत बढ़ने पर लोग नए गहने खरीदने की बजाय पुराने गहने एक्सचेंज कर रहे हैं या बेच रहे हैं।
क्या बिना हॉलमार्क वाले पुराने गहने बेच सकते हैं?
हां, आप बिना हॉलमार्क वाले पुराने गहने भी बेच सकते हैं। भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के मुताबिक, उपभोक्ताओं के लिए पुराने गैर-हॉलमार्क गहनों को बेचने या एक्सचेंज करने पर कोई रोक नहीं है। ज्वेलर्स आपके गहनों को खरीद सकते हैं, लेकिन गहनों की शुद्धता और कीमत तय करना उनके अपने नियमों और टेस्टिंग प्रोसेस पर निर्भर करेगा। यानी आपको अपने पुराने गहने बेचने या बदलवाने में कोई कानूनी दिक्कत नहीं आएगी।
हॉलमार्क में क्या-क्या होता है?
1 जुलाई 2021 से भारत में हॉलमार्किंग के साथ HUID (Hallmark Unique Identification) भी जरूरी हो गया है। अब हर हॉलमार्क गहने पर तीन चीजें होती हैं — BIS का लोगो, सोने की कैरेट व फाइननेस (जैसे 22K916) और छह अंकों का HUID नंबर। आप BIS Care App से इस HUID नंबर को चेक कर सकते हैं।
ग्राहक पुराने गहने बेचते समय रखें इन बातों का ध्यान
अगर आप पुराने गहने बेचने का सोच रहे हैं, तो विश्वसनीय ज्वेलर्स के पास जाएं और सही रेट और वजन की जांच करवा लें। इस तरह आप सोने के बढ़े हुए दामों का पूरा फायदा उठा सकते हैं।