Gold Rate Today: क्या आपको भी लगता है कि गोल्ड 140000 प्रति 10 ग्राम तक नहीं जाएगा? तो यह रिपोर्ट पढ़ लीजिए

Gold Rate Today: जेपी मॉर्गन का कहना है कि दुनिया के कई देशों के केंद्रीय बैंक और इनवेस्टर्स गोल्ड खरीद रहे हैं। इससे गोल्ड की डिमांड हाई बनी हुई है। चूंकि कई देशों के केंद्रीय बैंकों का फोकस अपने फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व के डायवर्सिफिकेशन पर है, जिससे उनकी सोने की खरादारी जारी रहेगी

अपडेटेड Apr 28, 2025 पर 4:56 PM
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साल 2024 की शुरुआत में सोना 2,000 डॉलर प्रति औंस था। सिर्फ 15 महीनों में इसका प्राइस 3,500 डॉलर की ऊंचाई पर पहुंच गया है।

सोने की कीमतों में तूफानी तेजी के बाद कई इनवेस्टर्स को इसमें निवेश नहीं करने का अफसोस है। खासकर मार्च के निचले स्तर से गोल्ड में जबर्दस्त तेजी देखने को मिली है। अगर गोल्ड की कीमतों के ट्रेंड को देखा जाए तो कुछ बातें साफ हो जाती हैं। साल 2024 की शुरुआत में सोना 2,000 डॉलर प्रति औंस था। सिर्फ 15 महीनों में इसका प्राइस 3,500 डॉलर की ऊंचाई पर पहुंच गया है। इस दौरान गोल्ड की कीमतें इतनी तेजी से चढ़ी कि ज्यादातर लोगों को इसमें निवेश के लिए इंतजार करते रह गए।

अगले साल की दूसरी तिमाही में गोल्ड 4000 डॉलर पर पहुंचेगा

JP Morgan के एनालिस्ट्स का कहना है कि 2026 की दूसरी तिमाही तक Gold 4,000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच जाएगा। इसका मतलब है कि इंडिया में गोल्ड की कीमत 1.35-1.40 लाख प्रति 10 ग्राम पर होगी। जेपी मॉर्गन के अनुमान पर भरोसा करने की बड़ी वजह यह है कि उसने लगातार तीसरे साल कमोडिटीज में गोल्ड का अपना टॉप पिक बताया है। उसने अपनी रिपोर्ट में गोल्ड की कीमतों में तेजी जारी रहने की वजह बताई है।


दुनियाभर के केंद्रीय बैंक गोल्ड में बढ़ा रहे निवेश

जेपी मॉर्गन का कहना है कि दुनिया के कई देशों के केंद्रीय बैंक और इनवेस्टर्स गोल्ड खरीद रहे हैं। इससे गोल्ड की डिमांड हाई बनी हुई है। चूंकि कई देशों के केंद्रीय बैंकों का फोकस अपने फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व के डायवर्सिफिकेशन पर है, जिससे उनकी सोने की खरादारी जारी रहेगी। इसके अलावा यूक्रेन और रूस की लड़ाई शुरू होने पर पश्चिमी देशों ने रूस को SWIFT नेटवर्क से 2022 में अलग कर दिया था। इसके बाद केंद्रीय बैंक डॉलर में निवेश बढ़ाने की जगह गोल्ड में निवेश बढ़ा रहे हैं।

अमेरिका मंदी आई तो गोल्ड को मिलेगा सपोर्ट

इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अमेरिका की टैरिफ पॉलिसी से मंदी की आशंका बढ़ी है। अमेरिकी इकोनॉमी में स्टैगफ्लेशन का भी खतरा जताया गया है। इससे गोल्ड की डिमांड स्ट्रॉन्ग बने रहने की उम्मीद है। हर तिमाही करीब 350 टन गोल्ड में निवेश हो रहा है। गोल्ड में 100 टन की खरीदारी बढ़ने पर इसकी कीमतों में 2 फीसदी का इजाफा होता है। जेपी मॉर्गन की रिपोर्ट में कहा गया है कि 2025 में ईटीएफ का गोल्ड में निवेश करीब 715 टन रह सकता है। इसका मतलब है कि इसकी कीमतों में 22 फीसदी का इजाफा होगा।

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आपको क्या करना चाहिए?

एक्सपर्ट्स का कहना है कि कुछ लोगों को यह लग रहा है कि रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद गोल्ड में तेज गिरावट आएगी। लेकिन, मौजूदा स्थितियों के आधार पर गोल्ड में तेजी जारी रहने की उम्मीद दिख रहा है। जिन निवेशकों के इनवेसमेंट पोर्टफोलियो में गोल्ड शामिल नहीं है, उन्हें इसमें निवेश करना चाहिए। पोर्टफोलियो में 10-15 फीसदी गोल्ड हो सकता है। गोल्ड में गोल्ड ईटीएफ या म्यूचुअल फंड की गोल्ड स्कीमों में घर बैठे आसानी से निवेश किया जा सकता है।

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