Gold rate today: गोल्ड ने बनाया ऊंचाई का नया रिकॉर्ड, पहली बार कीमत 2778 डॉलर पहुंची

स्पॉट गोल्ड 0.1 फीसदी बढ़कर 2,778.27 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में यह एक समय 2,778.79 डॉलर प्रति औंस था, जो रिकॉर्ड है। एनालिस्ट्स का कहना है कि गोल्ड की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने का मतलब है कि इसमें सेंटिमेंट बुलिश है

अपडेटेड Oct 30, 2024 पर 11:05 AM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
इंडिया में गोल्ड की कीमतों पर उसकी वैश्विक कीमतों का असर दिख रहा है। 30 अक्टूबर को 24 कैरेट गोल्ड का भाव 80,450 रुपये प्रति 10 ग्राम चल रहा था।

गोल्ड ने 30 अक्टूबर को इतिहास रच दिया। वैश्विक बाजार में गोल्ड की कीमत नई ऊंचाई पर पहुंच गई। इसकी वजह अगले महीने अमेरिका में होने वाला राष्ट्रपति चुनाव है। इनवेस्टर्स चुनाव के नतीजों से पहले गोल्ड में ज्यादा निवेश कर रहे हैं। इससे इसकी डिमांड बढ़ी है, जिसका असर इसकी कीमतों पर पड़ रहा है। स्पॉट गोल्ड 0.1 फीसदी बढ़कर 2,778.27 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में यह एक समय 2,778.79 डॉलर प्रति औंस था, जो रिकॉर्ड है। एनालिस्ट्स का कहना है कि गोल्ड की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने का मतलब है कि इसमें सेंटिमेंट बुलिश है।

सोने में तेजी की वजहें

अभी राजनीतिक और आर्थिक अनिश्चितता की स्थिति है। अमेरिका में नवंबर में राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों के बाद राजनीतिक तस्वीर साफ होगी। अभी डोनाल्ड ट्रंप और कमला हैरिस के बीच कांटे की टक्कर दिख रही है। इस हफ्ते अमेरिकी इकोनॉमी से जुड़े कई अहम डेटा आने वाले हैं। 30 अक्टूबर को अमेरिकी इकोनॉमी की जीडीपी ग्रोथ के डेटा आएंगे। इससे इकोनॉमी की सेहत के बारे मे पता चलेगा। उधर अगले हफ्ते अमेरिका में फेडरल रिजर्व इंटरेस्ट रेट में कमी कर सकता है। ऐसा होता है तो Gold की चमक बढ़ेगी। एनालिस्ट्स का कहना है कि आर्थिक और राजनीतिक तस्वीर साफ नहीं होने से इनवेस्टर्स गोल्ड में निवेश कर रहे हैं।


इंडिया में भी गोल्ड में उछाल

इंडिया में गोल्ड की कीमतों पर उसकी वैश्विक कीमतों का असर दिख रहा है। 30 अक्टूबर को 24 कैरेट गोल्ड का भाव 80,450 रुपये प्रति 10 ग्राम चल रहा था। 22 कैरेट गोल्ड का भाव 73,750 रुपये प्रति 10 ग्राम था। पिछले 24 घंटों में दोनों की कीमतों में क्रमश: 650 रुपये 600 रुपये का उछाल आया है। इसकी वजह धनतेरस और दिवाली के मौके पर गोल्ड की खरीदारी है। इंडिया में दोनों मौकों पर गोल्ड खरीदना शुभ माना जाता है। इन मौकों पर गोल्ड की डिमांड बढ़ जाती है।

कीमतों में तेजी जारी रहने की उम्मीद

बीते एक साल में इंडिया में गोल्ड का प्राइस 37 फीसदी बढ़ा है। इसमें जियोपॉलिटिकल टेंशन और डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी है। एलकेपी सिक्योरिटीज में वाइस प्रेसिडेंट जतीन त्रिवेदी ने कहा कि एमसीएक्स में गोल्ड की कीमतों में तेजी का रुख है। धनतेरस पर अच्छी लॉन्ग पोजीशन बनी है। इससे ज्वैलरी मार्केट में गोल्ड 80,000 के ऊपर निकल गया है। उन्होंने कहा कि इस हफ्ते अमेरिकी इकोनॉमी से जुड़े कई डेटा आने वाले हैं। इनका असर गोल्ड की कीमतों पर पड़ेगा। गोल्ड के लिए 77,000 रुपये पर सपोर्ट है, जबकि 81,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर रेसिस्टेंस है।

यह भी पढ़ें: Gold Price Today: छोटी दिवाली के दिन महंगा हुआ सोना, ये रहा 30 अक्टूबर को गोल्ड का रेट

आपको क्या करना चाहिए?

एक्सपर्ट्स का कहना है कि इकोनॉमिक और पॉलिटिकल अनिश्चितता को देखते हुए गोल्ड की चमक आगे भी बनी रहने की उम्मीद है। हालांकि, बीच-बीच में कीमतों में करेक्शन दिख सकता है। ऐसे में गिरावट के हर मौके का इस्तेमाल खरीदारी के लिए किया जा सकता है। निवेशक धीरे-धीरे गोल्ड में निवेश बढ़ा सकते हैं।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।