सोने में बीते दो महीने की सबसे बड़ी गिरावट आई है। इसकी वजह अमेरिका में रोजगार के नए डेटा हैं। इससे अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के इस साल इंटरेस्ट रेट बढ़ाने की संभावना दिख रही है। इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर सोने की चमक घट जाती है। भारत में भी 5 जून को गोल्ड फ्यूचर्स और सिल्वर फ्यूचर्स में बड़ी गिरावट आई।
देश और विदेश में बुलियन में बड़ी गिरावट
अमेरिका में 5 जून को स्पॉट गोल्ड 3.2 फीसदी गिरकर 4,330.10 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। सिल्वर 7.1 फीसदी गिरकर 68.63 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। इधर, इंडिया में कमोडिटी एक्सचेंज MCX में भी गोल्ड फ्यूचर्स और सिल्वर फ्यूचर्स में बड़ी गिरावट दिखी। गोल्ड फ्यूचर्स 2.05 फीसदी यानी 3,189 रुपये गिरकर 1,52,551 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। सिल्वर फ्यूचर्स तो 6.27 फीसदी यानी 16,595 रुपये गिरकर 2,48,201 रुपये प्रति किलो पर बंद हुआ।
अमेरिकी जॉब रिपोर्ट का पड़ा असर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 3.4 फीसदी तक गिर गया। अमेरिका में जॉब ग्रोथ के अनुमान से बेहतर डेटा आए हैं। इसका असर बॉन्ड यील्ड और डॉलर पर पड़ा। दोनों में तेजी देखने को मिली। अमेरिका में जॉब मार्केट में मजबूती को देखते हुए माना जा रहा है कि फेडरल रिजर्व इस साल इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है। इसकी बड़ी वजह यह है कि अमेरिका-ईरान में लड़ाई से क्रूड की कीमतें बढ़ी हैं। इससे मंहगाई बढ़ने का खतरा बन गया है।
सोने के सामने दोहरी चुनौती
ब्राउन ब्रदर्स हैरिमन एंड कंपनी में मार्केट्स स्ट्रेटेजी के ग्लोबल हेड एलियास हैडेड ने कहा कि सोने को दोहरी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। एक तरफ बॉन्ड यील्ड बढ़ रही है तो दूसरी तरफ डॉलर मजबूत हो रहा है। उन्होंने कहा कि गोल्ड अगर 200-डे मूविंग एवरेज (DMA) से नीचे जाता है तो इसमें बड़ी गिरावट दिख सकती है।
इस साल बढ़ सकता है इंटरेस्ट रेट
उधर, जॉब रिपोर्ट्स आने के बाद फेडरल रिजर्व की फेडरल ओपन मार्केट कमेटी की वेटिंग मेंबर क्लीवलैंड फेड बेथ हैमेक ने लिंक्डइन पोस्ट में कहा कि लेबर मार्केट में संतुलन दिख रहा है, जिससे इंटरेस्ट रेट को जल्द बढ़ाना ठीक रहेगा। उन्होंने कहा, "अभी इंटरेस्ट रेट को अपरिवर्तित रखना सही है क्योंकि इकोनॉमिक आउटलुक को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। लेकिन, हालिया ट्रेंड के जारी रहने पर इंटरेस्ट रेट को लेकर जल्द फैसले लेने होंगे।"
16-17 जून को होगी फेड की बैठक
ट्रेडर्स का मानना है कि फेडरल रिजर्व इस साल दिसंबर तक इंटरेस्ट रेट 25 बेसिस प्वाइंट्स बढ़ा सकता है। उन्हें अक्तूबर में रेट बढ़ने की 60 फीसदी उम्मीद दिख रही है। जॉब डेटा आने से पहले उन्हें अगले साल मार्च में इंटरेस्ट रेट बढ़ृने की उम्मीद थी। फेड के अधिकारियों की बैठक 16-17 जून को होने वाली है। इस बैठक की अध्यक्षता नए फेड चेयरमैन केविन वॉर्श करेंगे। मॉनेटरी पॉलिसी को लेकर उनका रुख सख्त रह सकता है।