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Gold-Silver ETF: पांच महीने में 3 गुना बढ़ा गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ में निवेश, ₹3 लाख करोड़ के पार AUM

Gold-Silver ETF: गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ का AUM (एसेट्स अंडर मैनेजमेंट) पिछले महीने जनवरी में ₹3 लाख करोड़ के पार पहुंच गया। महज पांच महीने में यह करीब तीन गुना बढ़ गया। यह खुलासा म्यूचुअल फंड बॉडी AMFI के आंकड़ों से हुआ है। जानिए इस ताबड़तोड़ निवेश के बाद अब क्या ठहरना चाहिए या अभी भी निवेश का मौका है? एक्सपर्ट्स से जानिए निवेश की स्ट्रैटेजी

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Feb 11, 2026 पर 9:12 AM
Gold-Silver ETF:  पांच महीने में 3 गुना बढ़ा गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ में निवेश, ₹3 लाख करोड़ के पार AUM
Gold-Silver ETF: गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ में पिछले महीने ताबड़तोड़ निवेश आया जिससे इनका एसेट्स रॉकेट की स्पीड से ऊपर चढ़ा। गोल्ड ईटीएफ ने तो पिछले महीने इक्विटी फंड्स को भी पछाड़ दिया और अगर सिल्वर ईटीएफ का भी आंकड़ा इसमें जोड़ लें तो अंतर और बड़ा है। (File Photo- Pexels)

Gold-Silver ETF: ताबड़तोड़ रैली के बाद सोने-चांदी में आई गिरावट के बावजूद इनके ईटीएफ में निवेश पिछले महीने नए हाई पर पहुंच गया। सोने और चांदी के ईटीएफ का कुल मिलाकर एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) ₹3 लाख करोड़ के पार रिकॉर्ड हाई पर चला गया। खास बात ये है कि महज पांच ही महीने में यह करीब तीन गुना बढ़ गया। AMFI के आंकड़ों के मुताबिक अगस्त 2025 में इनका एयूएम मिलाकर करीब ₹1 लाख करोड़ था। इस दौरान फोलियो में भी तेज उछाल दिखा। गोल्ड ईटीएफ के फोलियो 80.34 लाख से बढ़कर 1.14 करोड़ और सिल्वर ईटीएफ के फोलियो 11.31 लाख से उछलकर 47.85 लाख पर पहुंच गए यानी कि गोल्ड ईटीएफ के फोलियो पांच महीने में 43% तो सिल्वर ईटीएफ के फोलियो 323% बढ़े।

इक्विटी फंड्स से आगे निकला Gold ETF

गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ में पिछले महीने ताबड़तोड़ निवेश आया जिससे इनका एसेट्स रॉकेट की स्पीड से ऊपर चढ़ा। गोल्ड ईटीएफ ने तो पिछले महीने इक्विटी फंड्स को भी पछाड़ दिया और अगर सिल्वर ईटीएफ का भी आंकड़ा इसमें जोड़ लें तो अंतर और बड़ा है। गोल्ड ईटीएफ में पिछले महीने ₹24,039 करोड़ तो सिल्वर ईटीएफ में ₹9,463 करोड़ का निवेश आया जबकि इक्विटी फंड्स में ₹24,029 करोड़ का निवेश आया। दिसंबर महीने में गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ में कुल मिलाकर ₹15,609 करोड़ का निवेश आया था तो इक्विटी फंड्स में ₹28,055 करोड़ का निवेश आया था। इक्विटी फंड्स के लिए यह लगातार दूसरा महीना रहा, जब इसमें निवेश सुस्त पड़ा।

सोने और चांदी में यह तेजी आम निवेशकों के ताबड़तोड़ निवेश से आई है, ना कि केंद्रीय बैंकों की खरीदारी से। यह संकेत इस बात से मिला कि वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल 2025 में केंद्रीय बैंकों की सोना खरीद 1,000 टन से नीचे रही। गोल्ड-सिल्वर को नीतिगत अनिश्चितताओं, कमजोर डॉलर और जियोपॉलिटिकल टेंशन से सपोर्ट मिला तो चांदी को इंडस्ट्रियल डिमांड से भी सपोर्ट मिला।

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