Gold-Silver Import Duty Hike: भारत सरकार द्वारा सोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी में की गई भारी बढ़ोतरी ने सर्राफा बाजार में हलचल मचा दी है। थिंक टैंक GTRI (Global Trade Research Initiative) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, इस फैसले के बाद अब दुबई से आने वाले सोने की डिमांड तेजी से बढ़ सकती है। सरकार ने बेसिक कस्टम ड्यूटी को 6% से बढ़ाकर सीधे 15% कर दिया है, जिसके बाद भारत और दुबई के बीच गोल्ड रेट का अंतर और ज्यादा होने की उम्मीद है।
दुबई से सोना क्यों पड़ेगा सस्ता?
भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच हुए CEPA समझौते के कारण दुबई से गोल्ड इंपोर्ट पर विशेष छूट मिलती है। सामान्य तौर पर सोने पर अब 15% ड्यूटी लगेगी, लेकिन दुबई से कोटा (TRQ) के तहत आने वाले सोने पर 1% की छूट मिलेगी। यानी वहां से सोना 14% ड्यूटी पर आएगा।
जैसे-जैसे सामान्य ड्यूटी बढ़ेगी, दुबई के रास्ते सोना मंगाना ज्यादा फायदेमंद होता जाएगा। GTRI के अनुसार, भले ही दुबई खुद सोना नहीं निकालता, लेकिन वह ग्लोबल बुलियन के लिए सबसे बड़ा रूट बन जाएगा।
चांदी के मामले में 'बंपर' फायदा
सोने से भी ज्यादा चौंकाने वाला मामला चांदी का है। सरकार ने चांदी पर जनरल टैरिफ बढ़ाकर 15% कर दिया है। वहीं, UAE के साथ समझौते के तहत चांदी पर रियायती टैरिफ फिलहाल केवल 7% है। यानी दुबई के रास्ते चांदी मंगाने पर सीधे 8% की बचत हो रही है। यह अंतर 2031 तक और बढ़ेगा जब दुबई से चांदी पर ड्यूटी 0% हो जाएगी।
आम आदमी की जेब पर कितना पड़ेगा बोझ?
इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने का सीधा मतलब है कि भारत के घरेलू बाजार में सोने के दाम बढ़ेंगे। बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) 5% से बढ़कर 10% और एग्रीकल्चर सेस (AIDC) 1% से बढ़कर 5% हो गया है। 15% कस्टम ड्यूटी और 3% GST मिलाकर अब सोने पर प्रभावी टैक्स 18.45% हो गया है, जो पहले केवल 9.18% था। इससे सीधे तौर पर सोने की कीमतों में प्रति 10 ग्राम हजारों रुपये का उछाल देखने को मिल मिला है।
सरकार ने क्यों उठाया यह कदम?
पिछले एक साल में भारत में सोने और चांदी के आयात में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने लगभग 72 अरब डॉलर का सोना इम्पोर्ट किया, जो पिछले साल से 25% ज्यादा है। चांदी के आयात में तो 150% की रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस बढ़ते व्यापार घाटे को कंट्रोल में करने के लिए सरकार ने ड्यूटी बढ़ाने का फैसला लिया है।
एक्सपर्ट की क्या है सलाह?
GTRI के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने वित्त मंत्रालय से आग्रह किया है कि इन नियमों को सरल बनाया जाए। वर्तमान में आयातकों और वकीलों को ड्यूटी समझने के लिए पिछले 26 वर्षों के नोटिफिकेशन खंगालने पड़ते हैं। नियमों की इस जटिलता से व्यापार करने में कठिनाई हो रही है।
कुल मिलाकर अगर आप सोना खरीदने की सोच रहे हैं, तो अब आपको ज्यादा कीमत चुकानी होगी। हालांकि, दुबई के रास्ते आने वाले सोने पर ड्यूटी कम होने से मार्केट में वहां के गोल्ड की हिस्सेदारी बढ़ सकती है, जो घरेलू कीमतों को थोड़ा संतुलित करने में मदद कर सकती है।