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Gold-Silver Price: ग्लोबल मार्केट में सोना 0.9% और चांदी 2% हुई महंगी, नए साल 2026 में भी तेजी जारी

Gold-Silver Price: अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजार में कीमती धातुओं की चमक नए साल 2026 में भी बरकरार है। शुक्रवार, 2 जनवरी को अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड का भाव 0.9 फीसदी की तेजी के साथ 4,351.70 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं स्पॉट सिल्वर का भाव 2 फीसदी उछलकर 72.63 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा

Edited By: Vikrant singhअपडेटेड Jan 02, 2026 पर 10:15 AM
Gold-Silver Price:  ग्लोबल मार्केट में सोना 0.9% और चांदी 2% हुई महंगी, नए साल 2026 में भी तेजी जारी
Gold-Silver Price: सोने की कीमतों में 2025 में बीते 46 सालों की सबसे बड़ी तेजी देखने को मिली

Gold-Silver Price: अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजार में कीमती धातुओं की चमक नए साल 2026 में भी बरकरार है। 2025 में रिकॉर्डतोड़ तेजी के बाद सोना और चांदी ने 2026 के पहले कारोबारी सप्ताह में भी मजबूती जारी रखी है। शुक्रवार, 2 जनवरी को अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड का भाव 0.9 फीसदी की तेजी के साथ 4,351.70 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं स्पॉट सिल्वर का भाव 2 फीसदी उछलकर 72.63 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा।

सोने की कीमतों में पिछले साल 2025 में बीते 46 सालों की सबसे बड़ी तेजी देखने को मिली। वहीं चांदी में इसके इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी सालाना तेजी देखी गई। इस ऐतिहासिक तेजी के पीछे केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी, एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETF) के जरिए लगातार निवेश, ग्लोबल भू-राजनीतिक तनाव और करेंसी व महंगाई से जुड़ी चिंताएं प्रमुख वजह मानी जा रही हैं।

मिजुहो के एशिया (जापान को छोड़कर) मैक्रो रिसर्च हेड विष्णु वराथन का कहना है कि सोना-चांदी की यह तेजी अमेरिकी डॉलर के कमजोर पड़ने के जोखिम के खिलाफ “हेज” की मांग को दिखाती है। उनके मुताबिक निवेशक अब सिर्फ रिटर्न नहीं, बल्कि पूंजी की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहे हैं।

PL वेल्थ के सीईओ इंदरबीर सिंह जॉली के मुताबिक, सोने की कीमतों में आई तेजी निवेशकों के व्यवहार में एक बड़े बदलाव को दिखाती है। उन्होंने कहा कि यह तेजी किसी शॉर्ट-टर्म सट्टेबाजी की वजह से नहीं है, बल्कि लगातार हो रहे निवेश और केंद्रीय बैंकों की खरीदारी का नतीजा है। जॉली के अनुसार, बढ़ते भू-राजनीतिक जोखिम, शेयर बाजार में ऊंचे वैल्यूएशन और करेंसी में उतार-चढ़ाव की वजह से अब सोना सिर्फ ट्रेडिंग का साधन नहीं, बल्कि निवेशकों के लिए एक सुरक्षित और रणनीतिक निवेश विकल्प बन गया है।

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