Gold-Silver Price: सोने में आएगी तेजी, चांदी की रफ्तार पर लगेगा ब्रेक! जानिए ऐसा क्यों बोले एक्सपर्ट

Gold Silver Price: भारतीय सराफा बाजार में पिछले कुछ दिनों की भारी गिरावट के बाद आज 3 फरवरी को एक मजबूत रिकवरी देखी गई। एमसीएक्स (MCX) पर चांदी की कीमतों में 13% से अधिक की भारी उछाल आई, जबकि सोने के भाव में भी 6% से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई। यह रिकवरी निचले स्तरों पर निवेशकों की ओर से की गई भारी 'बार्गेन हंटिंग' और भारत-यूएस ट्रेड डील के ऐलान के चलते आई है

अपडेटेड Feb 03, 2026 पर 5:30 PM
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Gold Silver Price: सोना का अप्रैल वायदा भाव ₹1.53 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार कर गया

Gold Silver Price: भारतीय सराफा बाजार में पिछले कुछ दिनों की भारी गिरावट के बाद आज 3 फरवरी को एक मजबूत रिकवरी देखी गई। एमसीएक्स (MCX) पर चांदी की कीमतों में 13% से अधिक की भारी उछाल आई, जबकि सोने के भाव में भी 6% से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई। यह रिकवरी निचले स्तरों पर निवेशकों की ओर से की गई भारी 'बार्गेन हंटिंग' और भारत-यूएस ट्रेड डील के ऐलान के चलते आई है।

Gold Silver Price: आज के भाव

सोना (MCX): अप्रैल वायदा में सोना ₹1.53 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार कर गया। इंट्राडे के दौरान इसने ₹1,53,290 का उच्च स्तर छुआ, जो पिछले बंद से लगभग 6.2% अधिक है।

चांदी (MCX): चांदी में सबसे बड़ी तेजी देखी गई। मार्च वायदा में चांदी ₹31,000 से ज्यादा उछलकर ₹2,68,025 प्रति किलो के इंट्राडे हाई पर पहुंच गई, जो करीब 13.4% की बढ़त है।


एक्सपर्ट ने बताई उतार-चढ़ाव की वजह

एक्सपर्ट्स ने बताया कि सोने-चांदी की कीमतों में पिछले तीन दिनों में भारी गिरावट आई थी। चांदी का भाव इस दौरान 35 से 40 प्रतिशत तक टूट गया था। ऐसे में निवेशकों ने निचले स्तरों पर इसमें खरीदारी को एक अच्छे अवसर के रूप में देखा। इसके अलावा अमेरिका के साथ ट्रेड डील के ऐलान से भी निवेशकों का सेंटीमेंट पॉजिटिव हुआ। अमेरिका ने भारतीय सामानों पर टैरिफ 50% से घटाकर 18% करने का ऐलान किया है। इससे रुपया मजबूत हुआ और कीमती धातुओं में सुधार देखा गया।

'गोल्ड में तेजी जारी रहने की उम्मीद'

सोने-चांदी की कीमतों में आई हालिया तेज उठापटक पर कमोडिटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि सराफा बाजार में फिलहाल बेहद ज्यादा वोलैटिलिटी बनी हुई है। कमोडिटी एक्सपर्ट एनएस रामास्वामी के मुताबिक, हालिया गिरावट सोना और चांदी में आई जरूरत से ज्यादा तेजी के बाद एक नेचुरल 'शेकआउट' है।

उनका कहना है कि डॉलर में मजबूती ने कुछ बिकवाली को जरूर ट्रिगर किया, लेकिन सोने का मजबूत बुल केस अब भी बरकरार है। इसे सेंट्रल बैंकों की लगातार खरीदारी, भू-राजनीतिक जोखिम और पोर्टफोलियो डायवर्सिफिकेशन की मांग का सपोर्ट मिल रहा है।

सेंट्रल बैंक खरीदारी से सोने को सपोर्ट

रामास्वामी के मुताबिक, 2025 की चौथी तिमाही में सेंट्रल बैंकों ने करीब 230 टन सोना खरीदा था। 2026 में यह खरीद 800 टन से ज्यादा रहने की उम्मीद है। यही मजबूत डिमांड सोने की कीमतों को नीचे की तरफ मजबूत सपोर्ट देती है।

उनका मानना है कि मौजूदा उतार-चढ़ाव शांत होने के बाद 2026 में सोना अपने हालिया फ्यूचर्स हाई 5,645 डॉलर से ऊपर भी जा सकता है।

चांदी में करेक्शन ज्यादा गहरा क्यों

रामास्वामी का कहना है कि चांदी में गिरावट सोने के मुकाबले ज्यादा गहरी रही है। इसकी बड़ी वजह मार्जिन जरूरतों में बढ़ोतरी है, जिससे लीवरेज लेकर पोजिशन बनाने वाले ट्रेडर्स को मजबूरी में पोजिशन काटनी पड़ी।

उनके मुताबिक, फिलहाल चांदी 72 से 78 डॉलर के दायरे में घूम सकती है। जब तक कीमतें मजबूती से 80 डॉलर के ऊपर नहीं टिकतीं, तब तक कोई बड़ा ब्रेकआउट मुश्किल है।

गिरावट के बावजूद सोने का ट्रेंड मजबूत

SAMCO Securities के अपूर्व शेठ का कहना है कि तेज उतार-चढ़ाव के बावजूद सोने का लॉन्ग टर्म ट्रेंड अब भी ऊपर की ओर है। जहां कुछ लोग सख्त अमेरिकी मौद्रिक नीति या मुनाफावसूली को गिरावट की वजह बता रहे हैं, वहीं उनका मानना है कि प्राइस एक्शन ज्यादा पॉजिटिव तस्वीर दिखाता है।

शेठ के मुताबिक, सोना अब भी हाईअर हाई और हाईअर लो बना रहा है। अहम ब्रेकआउट लेवल्स बरकरार हैं, जो यह संकेत देता है कि मजबूत निवेशक हर गिरावट पर खरीदारी कर रहे हैं। उनका अनुमान है कि आने वाले महीनों में सोना 1.32 लाख से 1.80 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में कंसोलिडेट कर सकता है।

शेठ का कहना है कि यह रेंज-बाउंड फेज नेगेटिव नहीं, बल्कि हेल्दी माना जाना चाहिए। इससे जरूरत से ज्यादा सट्टेबाजी ठंडी पड़ेगी, जबकि लंबे समय का बुलिश ट्रेंड बना रहेगा।

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