Gold Silver Prices Today: सोने और चांदी की कीमतों में 23 जुलाई को देश और विदेश में गिरावट दिखी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 0.6 फीसदी गिरकर 4,103.39 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। यूएस गोल्ड फ्यूचर्स (अगस्त डिलीवरी) 1.1 फीसदी की कमजोरी के साथ 4,106.40 डॉलर प्रति औंस चल रहा था। स्पॉट सिल्वर 1.3 फीसदी की गिरावट के साथ 58.90 डॉलर प्रति औंस था।
भारत में भी गोल्ड और सिल्वर फ्यूचर्स में आई गिरावट
भारत में भी गोल्ड फ्यूचर्स और सिल्वर फ्यूचर्स में गिरावट आई। कमोडिटी एक्सचेंज MCX में गोल्ड फ्यूचर्स दोपहर में 0.95 फीसदी यानी 1,329 रुपये गिरकर 1,44,351 रुपये प्रति 10 ग्राम चल रहा था। सिल्वर फ्यूचर्स 2.03 फीसदी यानी 4,598 रुपये की गिरावट के साथ 2,22,220 रुपये प्रति किलोग्राम चल रहा था।
क्रूड ऑयल 98 डॉलर पार करने से सोने पर बढ़ा दबाव
सोने की कीमतें 22 जुलाई को 2 हफ्ते की उंचाई पर पहुंच गई थी। सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट की वजह क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी है। 23 जुलाई को ब्रेंट क्रूड में बड़ी तेजी दिखी। यह 4.35 फीसदी यानी 4 डॉलर से ज्यादा तेजी के साथ 98 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया। डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 3 फीसदी से ज्यादा चढ़कर 89 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया।
क्रूड में उछाल से इनफ्लेशन पर बढ़ रहा दबाव
इंडसइंड सिक्योरिटीज में सीनियर रिसर्च एनालिस्ट जिगर त्रिवेदी ने कहा, "ऑयल की कीमतें लगातार चढ़ रही हैं। इससे इनफ्लेशन पर दबाव बढ़ रहा है। इससे अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के इंटरेस्ट रेट बढ़ाने की संभावना बढ़ गई है। इससे डॉलर में कमजोरी का फायदा सोना को नहीं मिल रहा।" क्रूड ऑयल की कीमतें बीते छह हफ्तों के सबसे ऊंचे लेवल पर पहुंच गई हैं।
डॉलर में कमजोरी का फायदा सोने को नहीं मिल रहा
दो साल की की मैच्योरिटी अमेरिकी बॉन्ड की यील्ड बढ़कर 17 महीनों के सबसे हाई लेवल पर पहुंच गई है। इसकी वजह क्रूड की कीमतों में उछाल है। महंगा क्रूड इनफ्लेशन बढ़ाएगा, जिससे फेड के इंटरेस्ट रेट बढ़ाने की संभावना बढ़ेगी। हालांकि, डॉलर में 0.1 फीसदी कमजोरी आई है। लेकिन, सोने की कीमतों को इसका फायदा नहीं मिला है। डॉलर में कमजोरी से दूसरी करेंसी में सोना खरीदना सस्ता हो जाता है। इसलिए डॉलर में कमजोरी आने पर सोने की कीमतें चढ़ती हैं।
इस साल फेडरल रिजर्व घटा सकता है इंटरेस्ट रेट
फेडरल रिजर्व के इंटरेस्ट रेट बढ़ाने पर सोने की चमक घटती है। हालांकि, अगले हफ्ते फेडरल रिजर्व के इंटरेस्ट रेट में किसी तरह का बदलाव नहीं करने की उम्मीद है। लेकिन, फ्यूचर्स मार्केट का मानना है कि इस साल के अंत फेडरल रिजर्व कम से कम एक बार इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है। इंटरेस्ट रेट बढ़ने की उम्मीद का असर सोने की कीमतों पर दबाव बनाएगा।