Gold Silver Prices Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में 25 सितंबर को सोने में बीते चार दिनों से जारी गिरावट पर ब्रेक लग गया। हालांकि, सोने की कीमतों में मामूली तेजी दिखी। सोना 200 रुपये चढ़कर 1,52,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। चांदी की कीमतों में बदलाव नहीं हुआ। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में हल्की तेजी देखने को मिली।
चांदी 2.37 लाख प्रति किलोग्राम पर स्थिर रही
दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी का भाव बगैर किसी बदलाव के 2.37 लाख रुपये प्रति किलोग्राम रहा। ट्रेडर्स का कहना है कि सोने में तेजी की वजह कम कीमत पर खरीदारी है। इसके अलावा क्रूड ऑयल में नरमी और डॉलर में हल्की कमजोरी का भी फायदा सोने की कीमतों पर पड़ा। हालांकि, ब्रेंट क्रूड का प्राइस अब भी 105 डॉलर प्रति बैरल बना हुआ है।
रिकवरी के बावजूद इस हफ्ते सोने में गिरावट
एचडीएफसी सिक्योरिटीज में सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि सोने की कीमतों में रिकवरी के बावजूद इस हफ्ते सोने में गिरावट दिखी है। सोने की कीमतों पर इस हफ्ते दबाव की बड़ी वजह हफ्ते की शुरुआत में डॉलर में आई मजबूती थी। शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी में हल्की तेजी देखने को मिली।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में हल्की तेजी
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना मामूली तेजी के साथ 4,279 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। चांदी भी हल्की तेजी के साथ 63.92 डॉलर प्रति औंस पर चल रही थी। कोटक सिक्योरिटीज में एवीपी कायनात चेनवाला ने कहा कि लागातर दो दिन गिरने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की चाल बदली है। इसकी वजह डॉलर में नरमी और बॉन्ड यील्ड में गिरावट है।
अगले महीने अमेरिका में बढ़ सकता है इंटरेस्ट रेट
उन्होंने कहा कि शुक्रवार को रिकवरी के बावजूद यह हफ्ता गोल्ड के लिए अच्छा नहीं रहा। इसकी वजह क्रूड में उछाल है। इससे महंगाई बढ़ने का डर बढ़ा है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था से जुड़े जो डेटा आए हैं, उनसे संकेत मिलता है कि फेडरल रिजर्व अगले महीने इंटरेस्ट रेट में एक बार फिर वृद्धि कर सकता है।
इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर सोने की चमक घट जाती है
अगर अमेरिकी केंद्रीय बैंक अगले महीने इंटरेस्ट बढ़ाता है तो इसका सोने की कीमतों पर निगेटिव असर पड़ेगा। इंटरेस्ट रेट बढ़ने के माहौल में सोने की चमक घट जाती है। इंटरेस्ट रेट घटने पर सोने की चमक बढ़ जाती है। डॉलर में मजबूती का भी सोने की कीमतों पर निगेटिव असर पड़ता है। इससे दूसरी करेंसी में सोना खरीदना महंगा हो जाता है।