Gold Vs Equity Investment Comparison: बीते एक साल में सोने ने निवेशकों को मालामाल कर दिया है। एक तरफ जहां पिछले 1 साल में सोने ने करीब 35.3 फीसदी का बंपर रिटर्न दिया है, वहीं दूसरी तरफ भारतीय शेयर बाजार का बेंचमार्क इंडेक्स Nifty 50 TRI लगभग 5.4 फीसदी टूटा है।
हालिया रिटर्न को देखकर पहली नजर में गोल्ड ही असली विजेता नजर आता है। लेकिन सवाल यह है कि क्या 10, 15 या 20 साल के लंबे समय में भी सोना शेयर बाजार को पछाड़ सकता है? फाइनेंशियल रिसर्च फर्म FundsIndia की अगस्त 2026 की 'वेल्थ कन्वर्सेशंस' रिपोर्ट के आंकड़े कुछ अलग ही कहानी बयां करते हैं।
लंबे समय में कौन आगे? 10, 15 और 20 साल का आंकड़ा
फंड्सइंडिया ने जनवरी 2000 से लेकर अब तक के आंकड़ों का विश्लेषण किया है। शॉर्ट टर्म में सोने का प्रदर्शन शेयर बाजार से बेहतर दिख सकता है, लेकिन जैसे-जैसे निवेश का समय बढ़ता है, बाजी शेयर बाजार के हाथ में चली जाती है।
वर्षों के आंकड़ों से साफ है कि 10, 15 और 20 साल के क्षितिज पर शेयर बाजार ने औसतन सोने के मुकाबले 2 फीसदी सालाना ज्यादा रिटर्न दिया है। भले ही 2% का अंतर छोटा लगे, लेकिन जब 15-20 सालों में कंपाउंडिंग का असर पड़ता है, तो बड़ा वेल्थ गैप बन जाता है।
क्या शेयर बाजार, सोने से बेहतर विकल्प है?
जरूरी नहीं, क्योंकि दोनों ही एसेट क्लास का पोर्टफोलियो में अलग-अलग रोल होता है:
इक्विटी (शेयर बाजार): इसका मुख्य काम लंबी अवधि में वेल्थ क्रिएशन है।
सोना: यह पोर्टफोलियो को सुरक्षा और डाइवर्सिफिकेशन देता है। जब शेयर बाजार संकट या मंदी के दौर से गुजरता है, तब सोना तेजी से चमकता है।
फंड्सइंडिया की सीनियर मैनेजर जिराल मेहता का कहना है, 'अलग-अलग एसेट क्लास का लीडरशिप रोल बदलता रहता है। कोई भी एक एसेट क्लास हर साल टॉप पर नहीं रह सकता।'
निवेशकों के लिए क्या है सबक?
केवल पिछले 1 साल के 35% रिटर्न को देखकर शेयर बाजार छोड़कर सारा पैसा सोने में लगाना गलत रणनीति हो सकती है। इतिहास गवाह है कि लंबी अवधि (10 से 20 साल) में शेयर बाजार ने सोने से ज्यादा संपत्ति बनाकर दी है। इसीलिए पोर्टफोलियो बैलेंस रखें। किसी एक में दांव लगाने के बजाय, लंबी अवधि के वित्तीय लक्ष्यों के लिए इक्विटी और पोर्टफोलियो की स्थिरता के लिए गोल्ड का सही मिश्रण बनाएं।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।