शेयर बाजार में गिरावट रुकने का नाम नहीं ले रही है। शेयरों के निवेशकों के लिए मार्च का महीना अच्छा नहीं रहा। बाजार के प्रमुख सूचकांकों में बड़ी गिरावट आई। हालांकि, इसकी बड़ी वजह मध्यपूर्व की लड़ाई है, लेकिन निवेशक को यह समझ नहीं आ रहा कि आखिर यह गिरावट कब रुकेगी। मनीकंट्रोल ने इस बारे में जानने के लिए फंड्सइंडिया के ग्रुप सीईओ अक्षय सप्रु से बातचीत की।
जियोपॉलिटिकल डेवलपमेंट को हम कंट्रोल नहीं कर सकते
सप्रु ने कहा कि जियोपॉलिटिकल डेवलपमेंट को हम कंट्रोल नहीं कर सकते। ऐसी चीजें पहले भी हुई हैं और आगे भी होती रहेंगी। जहां तक इनवेस्टर्स की बात है तो उसे ऐसी घटनाओं की वजह से अपना रास्ता बदलने की जरूरत नहीं है। इनवेस्टमेंट एक लंबी अवधि का सफर है। इस दौरान उतार-चढ़ाव चलता रहता है। इनवेस्टर्स को इस पर ज्यादा प्रतिक्रिया देने से बचना चाहिए। ऐसी घटनाओं की वजह से मजबूत कंपनियों की वैल्यू एक रात में नहीं बदलती है।
इस गिरावट के दौरान निवेशकों में पहले जैसी घबराहट नहीं है
उन्होंने कहा कि इस बार अच्छी बात है कि निवेशकों में पहले जैसी घबराहट नहीं है। सिप रजिस्ट्रेशन बढ़ रहा है। आज निवेशक के पास पहले के मुकाबले ज्यादा जानकारी है। बाजार के उतार-चढ़ाव के दौरान उनका व्यवहार पहले के मुकाबले ज्यादा संयमित है। उन्होंने कहा कि स्मॉलकैप शेयर अट्रैक्टिव दिख रहे हैं, लेकिन इनमें ज्यादा निवेश करना ठीक नहीं है। दूसरा, यह कि इनवेस्टर्स को बाजार के बॉटम की तलाश में नहीं रहना चाहिए। इसमें गलती की ज्यादा आशंका होती है।
ऐसेट ऐलोकेशन में इन बातों का ध्यान रखना जरूरी है
सप्रु ने कहा कि स्ट्रक्चर्ड ऐलोकशन जरूरी है। आम तौर पर 50 फीसदी ऐलोकेशन लार्जकैप में, 30 फीसदी मिडकैप और 20 फीसदी स्मैलकैप स्टॉक्स में होना चाहिए। इस रेशियो में थोड़ा बदलाव चल सकता है। लेकिन, इसमें बड़े बदलाव से बचना चाहिए ताकि निवेश में अनुशासन बना रहे और रिस्क का प्रंबधन सही तरीके से हो।
सोने से अगले पांच साल में पहले जैसे रिटर्न की उम्मीद नहीं
गोल्ड के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि सोने में तेजी पूरी हो गई है। अगले पांच सालों में सोने का रिटर्न वैसा नहीं रहेगा जैसा पिछली साइकिल में रहा है। अगर आपके पोर्टफोलियो में गोल्ड की हिस्सेदारी 5-10 फीसदी के बीच है तो उसे बनाए रखने की जरूरत है। लेकिन, गोल्ड में इससे ज्यादा निवेश करना ठीक नहीं है। इनवेस्टर्स गोल्ड में सिप को जारी रख सकते हैं। लेकिन, एकमुश्त नया निवेश करने में सावधानी बरतने की सलाह है।