सरकार ने मंगलवार को चुनावी बांड (Electoral Bonds) की 17वीं किस्त जारी करने की मंजूरी दे दी है। यह बॉन्ड 1 जुलाई से 10 जुलाई 2021 तक के लिए खुलेंगे। यह मंजूरी पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले दी गयी है। ताकि, राजनीतिक चंदे में पारदर्शिता लाने की कोशिशों के तहत राजनीतिक दलों को दिए जाने वाले नकद चंदे (Cash donations to political parties) के विकल्प के रूप में चुनावी बॉन्ड की व्यवस्था की गई है।
वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा गया है कि भारतीय स्टेट बैंक (State Bank of India) को 1 जुलाई से 10 जुलाई के बीच उसकी 29 अधिकृत शाखाओं के जरिये चुनावी बॉन्ड जारी करने के लिए तय किया गया है। SBI की ये 29 स्पेशल ब्रांच कोलकाता, गुवाहाटी, चेन्नई, तिरुवनंतपुरम, पटना, नई दिल्ली, चंडीगढ़, शिमला, श्रीनगर, देहरादून, गांधीनगर, भोपाल, रायपुर, मुंबई और लखनऊ जैसे शहरों में है।
चुनावी बॉन्ड में निवेश पर टैक्स छूट
अगर आप चुनावी बॉन्ड में निवेश करते हैं तो आपको आयकर की धारा 80GGC/80GGB के तहत इनकम टैक्स (Income Tax) में छूट मिलेगी। राजनीतिक दलों को Income Tax Act के Section 13A के तहत बॉन्ड के तौर पर चंदे मिलेंगे।
चुनावी बॉन्ड की घोषणा 2017 के आम बजट में की गई थी. इसके तहत कोई भी बिना अपना नाम सार्वजनिक किए किसी भी राजनीतिक दल को चंदा दे सकता है। यह बॉन्ड 1,000 रुपये, 10,000 रुपये, 1 लाख रुपये, 10 लाख रुपये आदि के मल्टीपल में बेचे जा सकते हैं।