PM किसान सम्मान निधि योजना की 21वीं किस्त किसानों के खाते में आने में देरी हो रही है, जिससे किसानों में बेचैनी और चिंता बढ़ी है। हालांकि मोदी सरकार बिहार विधानसभा चुनाव से पहले इस किस्त की घोषणा कर सकती है, लेकिन अब तक भुगतान नहीं हुआ है। इस बीच, सरकार ने योजना के गलत या फर्जी लाभ लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।
फर्जी और गैर-योग्य लाभार्थी पकड़े गए
सरकार की जांच में कई ऐसे लाभार्थी सामने आए हैं जो योजना के पात्र नहीं हैं, जैसे कि जिनके नाम पर खेती की जमीन संस्थान या कंपनी के नाम से है, जिनके परिवार में आयकर दाता या सरकारी कर्मचारी हैं। इसके अलावा, कई मृतक किसानों के नाम से या फर्जी दस्तावेजों के जरिए पैसे निकाले गए हैं। ऐसे मामलों में सरकार ने संबंधित किसानों को रकम लौटाने के नोटिस जारी कर दिए हैं।
टीका करण के अनुसार, यदि किसी किसान परिवार के एक से अधिक सदस्य ने योजना का लाभ लिया है तो केवल एक व्यक्ति को ही इस योजना का लाभ मिलेगा। घरेलू आधार और NPCI से बैंक खाते के लिंक न होने पर भी भुगतान रुका दिया जाता है। सरकार का उद्देश्य राशि सही किसानों तक पहुंचाना है और इसीलिए पात्रता की गंभीर समीक्षा जारी है।
गलत तरीके से भुगतान प्राप्त करने वालों के लिए सरकार ने "Refund Online" की सुविधा भी शुरू की है, जिसके जरिए वे आधिकारिक PM Kisan पोर्टल पर जाकर आसानी से पैसे वापस कर सकते हैं। मंत्रालय ने साफ किया है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य किसी को दंडित करना नहीं, बल्कि योजना के सही क्रियान्वयन और वित्तीय संसाधनों की उचित वितरण सुनिश्चित करना है।
सरकार योजना के दुरुपयोग को रोकने के लिए गंभीर है। भारत के करोड़ों किसानों के लिए यह योजना बड़ी आर्थिक सहारा है और सरकार इसे सभी पात्र किसानों तक सही वक्त पर पहुंचाने को प्राथमिकता दे रही है। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी पात्रता जांचें और योजना के पोर्टल पर जाकर नवीनतम जानकारी लेते रहें।