Cooperative Life Insurance Company Explainer: देश के करोड़ों आम लोगों, किसानों और ग्रामीण परिवारों के लिए इंश्योरेंस सेक्टर से जुड़ा एक बहुत बड़ा अपडेट आया है। केंद्र सरकार जल्द ही सहकारी क्षेत्र में एक नई लाइफ इंश्योरेंस कंपनी शुरू करने जा रही है।

Cooperative Life Insurance Company Explainer: देश के करोड़ों आम लोगों, किसानों और ग्रामीण परिवारों के लिए इंश्योरेंस सेक्टर से जुड़ा एक बहुत बड़ा अपडेट आया है। केंद्र सरकार जल्द ही सहकारी क्षेत्र में एक नई लाइफ इंश्योरेंस कंपनी शुरू करने जा रही है।
इस ऐतिहासिक कदम का उद्देश्य देश के सुदूर इलाकों, छोटे शहरों और गांवों तक किफायती जीवन बीमा की पहुंच को बढ़ाना है। आइए आपको बताते हैं कि सरकार की इस नई पहल कैसे काम करेगी और इससे सीधे आपको या आम पॉलिसीधारकों को क्या-क्या फायदे होने वाले हैं।
सहकारी जीवन बीमा कंपनी क्या है और इसकी घोषणा क्यों हुई?
केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सहकारिता मंत्रालय के पांचवें स्थापना दिवस के मौके पर इस बड़ी योजना का ऐलान किया। अभी तक देश के सहकारिता आंदोलन का दायरा मुख्य रूप से डेयरी, चीनी, बीज और खाद जैसे पारंपरिक क्षेत्रों तक ही सीमित था।
अब सरकार इस पूरे इकोसिस्टम को वित्तीय सेवाओं से जोड़ने जा रही है। सरकार का मानना है कि सहकारी मॉडल के जरिए इंश्योरेंस बिजनेस में उतरने से देश के आखिरी पायदान पर खड़े व्यक्ति को भी जीवन बीमा सुरक्षा चक्र के दायरे में लाया जा सकेगा, वह भी बेहद किफायती प्रीमियम पर।
फर्टिलाइजर सेक्टर की दिग्गज सहकारी संस्था 'इफको' (IFFCO) पहले से ही एक जापानी पार्टनर के साथ मिलकर जनरल इंश्योरेंस के क्षेत्र में काम कर रही है। अब इसी सफलता को दोहराते हुए 'लाइफ इंश्योरेंस' के लिए एक पूरी तरह से नई सहकारी कंपनी खड़ी की जाएगी।
किसे और कैसे होगा इसका सीधा फायदा?
भारत में इस समय लगभग 8.5 लाख सहकारी समितियां हैं, जिनसे 30 करोड़ से अधिक सदस्य जुड़े हुए हैं। यह दुनिया का सबसे बड़ा सहकारी नेटवर्क है। नई बीमा कंपनी से इन लोगों को निम्नलिखित फायदे मिलेंगे:
कम प्रीमियम पर लाइफ इंश्योरेंस: सहकारी कंपनियों का मुख्य उद्देश्य मुनाफा कमाना नहीं, बल्कि अपने सदस्यों को सेवा देना होता है। इसलिए, प्राइवेट इंश्योरेंस कंपनियों के मुकाबले यहां लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी का प्रीमियम काफी कम होने की उम्मीद है।
गांवों और किसानों को सीधा लाभ: देश के करोड़ों किसान जो प्राइमरी एग्रीकल्चर कोऑपरेटिव सोसाइटीज (PACS) से जुड़े हैं, वे अब सीधे अपने नजदीकी सहकारी केंद्र से ही जीवन बीमा पॉलिसी खरीद और क्लेम कर सकेंगे। उन्हें बड़े शहरों या बैंकों के चक्कर नहीं काटने होंगे।
भरोसा और पारदर्शिता: सरकारी देखरेख और राष्ट्रीय डेटाबेस के जरिए संचालित होने के कारण इस कंपनी में आम लोगों का भरोसा निजी कंपनियों से कहीं ज्यादा मजबूत होगा।
डिजिटल बदलाव: अब 50,000 ई-पैक से मिलेगी मदद
इस वित्तीय समावेशन को जमीन पर उतारने के लिए सरकार बुनियादी ढांचे को पूरी तरह डिजिटल बना रही है। इसके तहत देश की 50,000 प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (PACS) को अपग्रेड करके e-PACS में बदल दिया गया है।
भविष्य में ये डिजिटल e-PACS केंद्र केवल खाद-बीज देने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) की तरह काम करेंगे, जहां से ग्रामीण लोग अपनी जीवन बीमा पॉलिसी का प्रीमियम जमा कर सकेंगे और क्लेम की प्रक्रिया भी पूरी कर सकेंगे।
सहकारी क्षेत्र से जुड़े कुछ अन्य बड़े ऐलान
बीमा कंपनी के अलावा, सरकार ने इस सेक्टर को मजबूत करने के लिए कई और बड़ी घोषणाएं की हैं:
कुल मिलाकर साल 2047 तक भारत को 'विकसित भारत' बनाने के लक्ष्य में यह नई सहकारी जीवन बीमा कंपनी मील का पत्थर साबित हो सकती है। आम आदमी के लिहाज से देखें तो आने वाले समय में आपको लाइफ इंश्योरेंस के लिए एक नया, सुरक्षित और बेहद सस्ता सरकारी विकल्प मिलने जा रहा है।
हिंदी में शेयर बाजार, स्टॉक मार्केट न्यूज़, बिजनेस न्यूज़, पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App डाउनलोड करें।