डिजिटल फ्रॉड को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने अब तक 1.4 लाख मोबाइल नंबरों को ब्लॉक कर दिया है जो फाइनेंशियल फ्रॉड में शामिल थे। फाइनेंशियल सर्विस सेक्रेटरी सचिव विवेक जोशी ने फाइनेंशियल सर्विस सेक्टर में साइबर सुरक्षा पर एक बैठक की अध्यक्षता की जिसमें एपीआई एकीकरण के माध्यम से सिटीजन फाइनेंशियल साइबर फ्रॉड रिपोर्टिंग एंड मैनेजमेंट सिस्टम (CFCFRMS) प्लेटफॉर्म पर बैंकों और फाइनेंशियल संस्थानों को शामिल करने सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।
35 लाख संस्थानों पर रखी गई नजर
DoT ने बल्क एसएमएस भेजने वाली 35 लाख प्रमुख संस्थाओं का विश्लेषण किया। इनमें से गलत SMS भेजने में शामिल 19,776 प्रमुख संस्थाओं को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है और 30,700 एसएमएस हेडर और 1,95,766 एसएमएस टेम्पलेट्स को डिस्कनेक्ट कर दिया गया है। अब तक 500 से अधिक गिरफ्तारियां की गई हैं। लगभग 3.08 लाख सिम ब्लॉक किए गए हैं, लगभग 50,000 आईएमईआई ब्लॉक किए गए हैं, और 592 फर्जी लिंक/एपीके और 2,194 यूआरएल अप्रैल 2023 से ब्लॉक किए गए हैं। इसमें कहा गया है कि लोगों को जागरूक करने की जरूरत है।
1.40 लाख नंबर को किया ब्लॉक
बैंकों और फाइनेंशियल संस्थानों को ट्राई के प्रचार वाली गतिविधियों के लिए नियमित 10-अंक के नंबरों को इस्तेमाल करने और वाणिज्यिक या प्रचार गतिविधियों के लिए '140xxx' जैसी स्पेशल सीरिज को इस्तेमाल करने की आवश्यकता है। विचार-विमर्श के दौरान यह नोट किया गया कि टेलिकॉम विभाग (DOT) ने नकली/जाली डॉक्यूमेंट्स पर लिए गए मोबाइल कनेक्शन का पता लगाने के लिए AI-मशीन लर्निंग-आधारित इंजन ASTR डेवलप किया है। इसमें कहा गया है कि लगभग 1.40 लाख मोबाइल हैंडसेट या तो कटे हुए मोबाइल कनेक्शन से जुड़े हैं या साइबर अपराध या फाइनेंशियल फ्रॉड में दुरुपयोग किए गए हैं, उन्हें ब्लॉक कर दिया गया है।
सीएफसीएफआरएमएस प्लेटफॉर्म को राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के साथ एकीकृत करने से प्लेटफॉर्म को केंद्रीकृत किया जा सकेगा, जो पुलिस, बैंकों और फाइनेंशियल संस्थानों के बीच सहयोग को और मजबूत करेगा। इससे समय की निगरानी और फ्रॉड गतिविधियों की रोकथाम हो सकेगी।