Nomination in Mutual Funds: क्या आप म्यूचुअल फंड्स (Mutual Funds) में इनवेस्ट करते हैं? दरअसल, म्यूचुअल फंड्स में सिर्फ निवेश करना काफी नहीं है। इसमें सही तरीके से निवेश करना बहुत जरूरी है। तभी आपको इसका पूरा फायदा मिलेगा। सेबी (Sebi) ने अक्टूबर में म्यूचुअल फंड इनवेस्टर के लिए किसी को नॉमिनी बनाना या नॉमिनेशन का विकल्प नहीं चुनना अनिवार्य बना दिया है। इसका मतलब है कि आपको नॉमनी बनाना होगा या आपको बताना होगा कि आप किसी को नॉमिनी नहीं बनाना चाहते हैं।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि म्यूचुअल फंड निवेशक के लिए नॉमनी बनाना बहुत जरूरी है। न्यू फोलियो के लिए सेबी का उपर्युक्त नियम 1 अक्टूबर, 2022 से लागू हो चुका है। नॉमिनेशन करने से म्यूचुअल फंड इनवेस्टर की मौत के बाद नॉमनी को आसानी से स्कीम का पैसा मिल जाता है। नॉमिनी नहीं होने पर स्कीम के पैसे पर क्लेम करने की प्रक्रिया काफी जटिल है।
सेबी का नियम कहता है कि अगर म्यूचुअल फंड इनवेस्टर अगर किसी को नॉमनी नहीं बनाते हैं या इस सुविधा को नहीं लेने के विकल्प का चुनाव नहीं करते हैं तो उनके इनवेस्टमेंट को फ्रिज कर दिया जाएगा। उसके बाद उसमें किसी तरह का ट्रांजेक्शन नहीं होगा। इसकी डेडलाइन 31 मार्च, 2023 है।
अगर आपने अब तक किसी को नॉमिनी नहीं बनाया है तो आप नॉमिनेशन फॉर्म भरकर ऐसा कर सकते हैं। आपको इस फॉर्म को भरने के बाद इस पर हस्ताक्षर करने होंगे। उसके बाद आप इस फॉर्म को रजिस्ट्रार एंड ट्रांसफर एजेंट (RTA) या म्यूचुअल फंड हाउस को सब्मिट कर सकते हैं।
अगर आपने म्यूचुअल फंड में ऑनलाइन इनवेस्ट किया है तो आप म्यूचुअल फंड स्टेटमेंट देखकर यह पता लगा सकता है कि आपने नॉमिनेशन किया है या नहीं। अगर आपने नहीं किया हो तो आपको अपने अकाउंट में लॉग-इन करना होगा। फिर, वन टाइम पासवर्ड (OTP) की मदद से आप अपने नॉमनी डिटेल को वैलिडेट कर सकते हैं।
अगर आपने म्यूचुअल फंड में डायरेक्ट इनवेस्ट किया है तो आप MFCentral के जरिए नॉमिनेशन में बदलाव कर सकते हैं। यह एक इनवेस्टमेंट मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म है। एमएफसेंट्रल पर अपने फोलियो में जरूरी बदलाव करने के बाद आप पोर्टल पर अपने रिक्वेस्ट के स्टेटस को ट्रैक कर सकते हैंं।