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आपने FD पर ऑटो रिन्यूएल का ऑप्शन चुना है? जानिए आपको क्यों हो सकता है नुकसान

जब इंटरेस्ट रेट बढ़ रहा होता है तब एफडी पर ऑटो रिन्यूएल ऑप्शन को सेलेक्ट करना नुकसानदायक हो सकता है। इसकी वजह यह है कि बैंक आपसे पूछे बगैर आपका पैसा मैच्योरिटी पर दोबारा फिक्स कर देता है। इससे आप ज्यादा इंटरेस्ट कमाने का मौका चूक सकते हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 16, 2023 पर 6:10 PM
आपने FD पर ऑटो रिन्यूएल का ऑप्शन चुना है? जानिए आपको क्यों हो सकता है नुकसान
आपको इंटरेस्ट रेट की स्थिति को देखते हुए अपने बैंक एफडी के बारे में फैसले लेने चाहिए। अगर आपने अपने बैंक एफडी में ऑटो रिन्यूएल का ऑप्शन सेलेक्ट कर रखा है तो मौजूदा स्थिति में आपको लॉस हो सकता है।

कई लोग अपने पैसे की सुरक्षा को रिटर्न से ज्यादा महत्व देते हैं। इस वजह से वे शेयरों और म्यूचुअल फंड्स की स्कीमों की जगह बैंक या पोस्ट-ऑफिस की फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम में पैसा रखना पसंद करते हैं। रिस्क नहीं लेने वाले लोगों के लिए यह पैसा रखने का अच्छा ऑप्शन है। लेकिन, बैंक एफडी में भी आंख मूंदकर पैसे रखने से आपको नुकसान हो सकता है। आपको इंटरेस्ट रेट की स्थिति को देखते हुए अपने बैंक एफडी के बारे में फैसले लेने चाहिए। अगर आपने अपने बैंक एफडी में ऑटो रिन्यूएल का ऑप्शन सेलेक्ट कर रखा है तो मौजूदा स्थिति में आपको लॉस हो सकता है। आइए पूरी तस्वीर समझने की कोशिश करते हैं।

ऑटो रिन्यूएल का मतलब क्या है?

सबसे पहले यह जान लेना जरूरी है कि ऑटो रिन्यूएल का मतलब क्या है। ऑटो रिन्यूएल बैंक एफडी की ऐसी सुविधा है, जिसमें ग्राहक को एफडी मैच्योर होने पर अपना पैसा निकालने की जरूरत नहीं पड़ती है। या बैंक आपके एफडी में जमा पैसा आपके सेविंग अकाउंट में ट्रांसफर नहीं करता है। वह मैच्योरिटी पर आपके पैसे को दोबारा एफडी में डाल देता है। दरअसल, जब आप पहली बार एफडी करते हैं तो बैंक आपसे ऑप्शन के बारे में पूछता है। कई लोग सोचत हैं कि मैच्योरिटी की तारीख भूल जाने पर उन्हें इंटरेस्ट रेट के रूप में नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसलिए वे ऑटो रिन्यूएल का ऑप्शन सेलेक्ट कर लेते हैं।

पिछले साल मई से लगातार बढ़ रहा इंटरेस्ट रेट

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