एचडीएफसी म्यूचुअल फंड के सीईओ नवनती मुनोत ने इंडिया में निवेश की बदलती तस्वीर के बारे में बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा है कि देश में म्यूचुअल फंड स्टोरी अब सिर्फ मार्केट रिटर्न तक सीमित नहीं है बल्कि यह एक बड़े बदलाव से गुजर रही है। इसमें परिवार फाइनेंशियल सिक्योरिटी के लिए लंबी अवधि का निवेश कर रहे हैं। मनीकंट्रोल म्यूचुअल फंड समिट 2026 में मनीकंट्रोल के मैनेजिंग डायरेक्टर नलिन मेहता से बातचीत में उन्होंने इनवेस्टमेंट को लेकर कई अहम बातें बताईं।
भारत में अब लोग सेविंग्स की जगह निवेश कर रहे हैं
मुनोत ने कहा कि भारत अब 'सेविंग्स करने वाले लोगों की जगह निवेश करने वाला देश बन रहा है।' यह सोशल और सांस्कृतिक बदलाव के दौर से गुजर रहा है। उन्होंने कहा, "यह पहली पीढ़ी है जो अनुशासित तरीके से निवेश कर वित्तीय आजादी हासिल करने की कोशिश कर रही है। मैं इसे इंडिया का 401(K) मूवमेंट कहता हूं।" उनका संकेत अमेरिकी रिटायरमेंट सेविंग्स सिस्टम से था। इसमें इनवेस्टर्स मार्केट लिंक्ड कंट्रिब्यूशन के जरिए लॉन्ग टर्म रिटायरमेंट वेल्थ क्रिएट करते हैं।
लोग अनुशासित निवेश से खुद की रिटायरमेंट सिक्योरिटी बना रहे
उन्होंने कहा कि इस तरह (अमेरिका जैसा) के बदलाव की शुरुआत इंडिया में हो रही है। बड़ी संख्या में लोग यह सोचने लगे हैं कि वे नियमित रूप से निवेश के जरिए अपनी खुद की रिटायरमेंट सिक्योरिटी बना सकते है। उनका यह बयान ऐसे वक्त आया है, जब भारत में म्यूचुअल फंड आम लोगों के सेविंग्स प्लान का प्रमुख हिस्सा बन गया है। इसमें सिस्टमैटिक इनवेस्टमेंट प्लान, डिजिटल ऑनबोर्डिंग और व्यापक वित्तीय जागरूकता का बड़ा हाथ है।
म्यूचुअल फंड के प्रदर्शन से बढ़ा है लोगों का भरोसा
मुनोत ने कहा कि इंडस्ट्री (म्यूचुअल फंड) की ग्रोथ सिर्फ डिस्ट्रिब्यूशन की जगह परफॉर्मेंस और ट्रस्ट पर आधारित है। उन्होंने कहा, "इंडस्ट्री ने कड़ी मेहनत की है। मेरा मानना है कि यह ट्रैक रिकॉर्ड है, जिससे निवेशकों का भरोसा कायम हुआ है। इनवेस्टर्स की संख्या 2 करोड़ से 6 करोड़ तक पहुंच गया है। मेरा मानना है कि इस ट्रैक रिकॉर्ड की वजह से बड़ा फर्क आया है।" उन्होंने कहा कि ग्रोथ की संभावनाएं काफी ज्यादा है। भारत में परिवारों की 14 लाख करोड़ डॉलर की बैलेंसशीट में से सिर्फ 6 फीसदी का निवेश अभी शेयरों में है।