जहरीली हवा से दिल्ली में कई बीमारियों का खतरा बढ़ा, जानिए कैसी हेल्थ पॉलिसी फायदेमंद रहेगी

लंबे समय तक हवा की क्वालिटी खराब बनी रहती है तो लोगों की सेहत पर खराब असर पड़ेगा। खासकर उन लोगों की दिक्कतें बढ़ सकती हैं, जिन्हें पहले से सांस से जुड़ी बीमारी है। खराब हवा कई तरह से स्वास्थ पर असर डालती है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि हवा में मौजूद हानिकारक तत्व धमनियों को नुकसान पहुंचाते हैं। धमनियां सख्त हो जाती हैं। स्ट्रोक और हार्ट अटैक के खतरे भी बढ़ जाते हैं

अपडेटेड Nov 07, 2023 पर 4:01 PM
ज्यादातर हेल्थ पॉलिसीज में हवा के जरिए फैलने वाली बीमारियां शामिल होती हैं। इसके बावजूद पॉलिसी खरीदते वक्त ऐसी बीमारियों के बारे में जान लेना जरूरी है। पॉलिसीहोल्डर के लिए यह भी समझ लेना जरूरी है कि इन बीमारियों के इलाज के लिए नियम और शर्तें क्या हैं।

दिल्ली की हवा (Delhi Air Quality) जहरीली हो गई है। ऐसे में हेल्थ इंश्योरेंस (Health Policy) की अहमियत बढ़ गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में हालात मुश्किल रह सकते हैं। अगर लंबे समय तक हवा की क्वालिटी खराब बनी रहती है तो लोगों की सेहत पर खराब असर पड़ेगा। खासकर उन लोगों की दिक्कतें बढ़ सकती हैं, जिन्हें पहले से सांस से जुड़ी बीमारी है। खराब हवा कई तरह से स्वास्थ पर असर डालती है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि हवा में मौजूद हानिकारक तत्व धमनियों को नुकसान पहुंचाते हैं। धमनियां सख्त हो जाती हैं। स्ट्रोक और हार्ट अटैक के खतरे भी बढ़ जाते हैं। उन लोगों के लिए रिस्क ज्यादा होता है, जिनकी ऐसी बीमारियों की हिस्ट्री है। हेल्थ इंश्योरेंस इस मुश्किल घड़ी में आपकी मदद कर सकती है। प्रदूषित हवा से होने वाली बीमारियों की जल्द पहचान करना जरूरी है।

ओपीडी कवर वाली पॉलिसी फायदेमंद

RenewBuy के को-फाउंडर इंद्रनील चटर्जी ने कहा कि दिल्ली में अस्थमा, COPD और हार्ट से जड़ी बीमारियां बढ़ गई हैं। अस्पताल में रोजाना इन बीमारियों के रोगी बड़ी संख्या में आ रहे हैं। उन्होंने कहा, "खराब हवा की वजह से होने वाली कई बीमारियां स्टैंडर्ड हेल्थ पॉलिसी में कवर होती हैं। कुछ बीमारियों में आउटपेशेंट डिपार्टमेंट (OPD) कंसल्टेशन की जरूरत पड़ती है। कुछ में टेस्ट्स कराने की जरूरत होती है। ऐसे में कम्प्रिहेंसिव आउटपेशेंट डिपार्टमेंट (OPD) कवर या टेली कंसल्टेशन प्रोविजन वाली हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी बहुत फायदेमंद साबित हो सकती है।"


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ICU कवरेज भी जरूरी

ओपीडी कवर का मतलब ऐसी हेल्थ पॉलिसी से है, जिसमें आउटपेशेंट ट्रीटमेंट की कॉस्ट शामिल होती है। इसमें यह प्रावधान होता है कि हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी पॉलिसीहोल्डर के हॉस्पिटल में भर्ती हुए बगैर उसके इलाज का खर्च देगी। चटर्जी ने कहा कि कई बार ऐसे मामले आते हैं जब तुरंत इंटेनसिव केयर सपोर्ट की जरूरत होती है। ऐसे में ICU एक्सपेंसेज कवरेज और कैशलेस क्लेम्स वाली पॉलिसी बहुत अहम हो जाती है।

पॉलिसी खरीदने से पहले नियम और शर्तें जान लें

ज्यादातर हेल्थ पॉलिसीज में हवा के जरिए फैलने वाली बीमारियां शामिल होती हैं। इसके बावजूद पॉलिसी खरीदते वक्त ऐसी बीमारियों के बारे में जान लेना जरूरी है। पॉलिसीहोल्डर के लिए यह भी समझ लेना जरूरी है कि इन बीमारियों के इलाज के लिए नियम और शर्तें क्या हैं। अगर आप हेल्थ पॉलिसी खरीदने जा रहे हैं तो आपको इन चीजों के बारे में बीमा कंपनी से पूछ लेना फायदेमंद रहेगा। एक बार हेल्थ पॉलिसी खरीद लेने पर उनसे नियम और शर्तों में बदलाव करना मुमकिन नहीं होता है। इसलिए इस बारे में पहले से सावधानी बरतना जरूरी है।

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