Independence Day Special: भारत 1947 में आजाद हुआ था। तब सोने की कीमत सिर्फ 88.62 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। करीब 80 साल बाद सोने की कीमत 1.51 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम है। इसका मतलब है कि 80 साल में सोने की कीमत 1,711 गुना हो गई है। सवाल है कि अगर किसी ने तब सोने में 1000 रुपये का निवेश किया होता तो आज उसकी वैल्यू कितनी होती?
1947 से अब तक सोने की कीमतें सालाना 9.9 फीसदी बढ़ी हैं
1947 में सोने में 1000 रुपये के निवेश की वैल्यू आज बढ़कर 17.1 लाख रुपये हो गई होती। इसका मतलब है कि इस दौरान सोने की कीमत सालाना करीब 9.9 फीसदी बढ़ी हैं। हालांकि, इस दौरान सोने की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव रहा। किसी खास पीरियड में सोने की कीमतों में नरमी दिखी तो किसी दूसरे पीरियड में ज्यादा तेजी दिखी।
1980 में सोने का भाव 1000 रुपये प्रति 10 ग्राम था
1950 में सोने का भाव 99.18 रुपये प्रति 10 ग्राम था। लेकिन, 1964 में कीमत गिरकर 63.25 रुपये पर आ गई। 1970 में फिर से भाव चढ़कर 184.50 रुपये पर पहुंच गया। 1980 तक भाव 1000 रुपये प्रति 10 ग्राम के लेवल को पार कर गया। तब इसका भाव 1,330 रुपये प्रति 10 ग्राम था।
साल 2000 के बाद से सोने की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं
साल 2000 के बाद सोने की कीमतों की रफ्तार काफी तेज रही। 2000-01 में सोने का औसत भाव 4,473.60 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। 2010-11 में यह बढ़कर 19,227.08 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया। 2020-21 में सोने का भाव 48,723.22 रुपये पर पहुंच गया। 2024-25 में औसत भाव 75,841.87 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा।
1970-71 के मुकाबले आज चांदी की कीमत 370 गुना हो गई है
चांदी की बात की जाए तो 1970-71 से इसका आरबीआई का रेट उपलब्ध है। तब एक किलो चांदी की कीमत 536.08 रुपये थी। 14 अगस्त, 2026 को चांदी का भाव 1,98,461 रुपये प्रति किलोग्राम थी। इसका मतलब है इस दौरान चांदी कीमतें करीब 370 गुना हो गई हैं। सोने और चांदी को दशकों से सुरक्षित निवेश का सबसे भरोसेमंद जरिया माना जाता है।
सोने और चांदी की कीमतों का कैलकुलेशन PIB और RBI के डेटा के आधार पर
सोने की कीमतों का एतिहासिक डेटा प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो और इंडियन इकोनॉमी पर आरबीआई की हैंडबुक पर आधारित है। आरबीआई इस हैंडबुक में गोल्ड और सिल्वर के प्राइसेज पब्लिश करता है। कीमतों का उपर्युक्त कैलकुलेशन इसी दोनों स्रोतों से उपलब्ध डेटा के आधार पर किया गया है।