तेजी से बदल रही है इनवेस्टमेंट की दुनिया, 2034 तक 436 अरब डॉलर का होगा वेल्थ मैनेजमेंट मार्केट

एमके वेल्थ मैनेजमेंट की रिपोर्ट के मुताबिक, वेल्थ-मैनेजमेंट मार्केट की ग्रोथ अगले 8 साल में 10.6 फीसदी सीएजीआर रहेगी। इस दौरान इनवेस्टर्स की दिलचस्पी इंडिविजुअल इनवेस्टमेंट प्रोडक्ट्स से हटकर एसेट ऐलोकेशन, डायवर्सिफिकेशन, टैक्सेशन और सक्सेशन प्लानिंग में बढ़ेगी

अपडेटेड Sep 19, 2026 पर 6:28 PM
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FY26 में म्यूचुअल फंड्स का तिमाही एवरेज एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 77.98 लाख करोड़ रुपये रहा।

इंडिया का वेल्थ-मैनेजमेंट मार्केट 2034 तक बढ़कर दोगुना तक हो जाने की उम्मीद है। 2025 में यह मार्केट करीब 171 अरब डॉलर का था। इसका मतलब कि इसका आकार 2034 तक 436 अरब डॉलर तक का हो जाएगा। इसकी वजह लोगों की बढ़ती इनकम, फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स में सेविंग्स का शिफ्ट होना और कैपिटल मार्केट में बढ़ता पार्टिसिपेशन है। एमके वेल्थ मैनेजमेंट ने अपनी रिपोर्ट में यह कहा है।

वेल्थ-मैनेजमेंट मार्केट 10% सीएजीआर से बढ़ेगा

इस रिपोर्ट के मुताबिक, वेल्थ-मैनेजमेंट मार्केट की ग्रोथ अगले 8 साल में 10.6 फीसदी सीएजीआर रहेगी। इस दौरान इनवेस्टर्स की दिलचस्पी इंडिविजुअल इनवेस्टमेंट प्रोडक्ट्स से हटकर एसेट ऐलोकेशन, डायवर्सिफिकेशन, टैक्सेशन और सक्सेशन प्लानिंग में बढ़ेगी। पिछले कुछ सालों में म्यूचुअल फंड्स जैसे फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स में निवेश में परिवारों की दिलचस्पी बढ़ी है।


म्यूचुअल फंड्स इंडस्ट्री का एयूएम 80 लाख करोड़ पहुंचा

कैपिटल मार्केट्स में लोगों का निवेश बढ़ने में SIP जैसे प्रोडक्ट्स का भी बड़ा हाथ है। बाजार में उपलब्ध कुल फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स में म्यूचुअल फंड्स की ज्यादा हिस्सेदारी है। एमके वेल्थ के मुताबिक, FY26 में म्यूचुअल फंड्स का तिमाही एवरेज एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 77.98 लाख करोड़ रुपये रहा। वेल्थ मैनेजमेंट मार्केट में हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स (HNI) के अलावा अब दूसरे लोग भी निवेश कर रहे हैं।

वेल्थ मैनेजमेंट मार्केट में HNI की हिस्सेदारी 63 फीसदी

एक अनुमान के मुताबिक, अभी वेल्थ मैनेजमेंट मार्केट में HNI की हिस्सेदारी 62.8 फीसदी है। एमके वेल्थ का कहना है कि अब अमीर लोगों, फैमिली ऑफिस और इंस्टीट्यूशनल से भी डिमांड आ रही है। इनवेस्टर बेस बढ़ने से बाजार में ज्यादा कस्टमाइज्ड प्रोडक्ट्स के आने की उम्मीद है। इनवेस्टर्स पीएमएस, AIF सहित कई प्रोडक्ट्स पर विचार कर रहे हैं। वे डायवर्सिफिकेशन में दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

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डायवर्सिफिकेशन के लिए विदेश में इनवेस्ट करना चाहते हैं लोग

एमके वेल्थ को उम्मीद है कि इनवेस्टर्स डायवर्सिफिकेशन के लिए विदेश में इनवेस्ट करना चाहते हैं। आने वाले समय में यह ट्रेंड बढ़ेगा और वेल्थ मैनेजमेंट का जरूरी हिस्सा बन जाएगा। इसकी वजह यह है कि ग्लोबल मार्केट्स तक इंडियन इनवेस्टर्स की पहुंच बढ़ रही है। खासकर एचएनआई और फैमिली ऑफिसेज विदेश में निवेश के मौके तलाश रहे हैं। गिफ्ट आईएफएससी विदेश में निवेश के बड़े प्लेटफॉर्म के रूप में उभर रहा है।

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