ITR Filing 2026: क्या आप भी हैं कन्फ्यूज? सैलरीड क्लास और फ्रीलांसर्स ऐसे चुनें सही ITR फॉर्म, वरना आ सकता है नोटिस!

ITR Filing 2026: असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए अयोग्य ITR फॉर्म चुनने से बचने के लिए सैलरीड क्लास (ITR-1/2) और फ्रीलांसरों (ITR-3/4) को अपनी आय के स्रोत और सीमा के अनुसार सही फॉर्म का चयन करना अनिवार्य है।

अपडेटेड May 10, 2026 पर 2:50 PM
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साल 2026 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने का समय आ गया है। गर्मी की तपिश के बीच टैक्सपेयर्स के सिर पर अपनी कमाई का हिसाब देने की चिंता भी बढ़ने लगी है। अक्सर लोग आखिरी तारीख का इंतजार करते हैं, लेकिन टैक्स एक्सपर्ट्स का मानना है कि जल्दबाजी में की गई गलती भारी पड़ सकती है। अगर आपने अपनी आय के स्रोत के हिसाब से गलत फॉर्म चुन लिया, तो न केवल आपका रिटर्न रिजेक्ट हो सकता है, बल्कि इनकम टैक्स विभाग का 'लव लेटर' यानी नोटिस भी आपके दरवाजे पर दस्तक दे सकता है।

सैलरीड क्लास के लिए क्या बदला?

नौकरीपेशा लोगों के लिए आमतौर पर ITR-1 (Sahaj) सबसे सरल और लोकप्रिय विकल्प रहा है। अगर आपकी सालाना कमाई 50 लाख रुपये तक है और आय का जरिया सैलरी, एक या दो घर (House Property) और ब्याज है, तो आप यह फॉर्म भर सकते हैं।


दिलचस्प बात यह है कि इस बार नियमों में कुछ ढील दी गई है। अब दो घरों से होने वाली आय को भी ITR-1 में दिखाया जा सकता है। साथ ही, यदि आपने शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड से 1.25 लाख रुपये तक का लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) कमाया है, तो भी आप ITR-1 का उपयोग कर सकते हैं। लेकिन अगर आपकी किस्मत ज्यादा अच्छी रही और मुनाफा इस सीमा से ऊपर निकल गया, तो आपको ITR-2 की ओर रुख करना होगा।

फ्रीलांसरों और प्रोफेशनल्स के लिए गाइडलाइन

आज के दौर में कंटेंट राइटिंग, ग्राफिक डिजाइनिंग और वीडियो एडिटिंग जैसे फ्रीलांसिंग काम तेजी से बढ़े हैं। इन प्रोफेशनल्स के लिए टैक्स का गणित थोड़ा अलग होता है। फ्रीलांसरों के लिए ITR-3 या ITR-4 सबसे उपयुक्त होते हैं।

यदि आप अपनी पूरी गणना को आसान बनाना चाहते हैं, तो प्रिजम्पटिव टैक्सेशन स्कीम (Section 44ADA) का लाभ उठा सकते हैं। इसमें आपको अपनी कुल कमाई का केवल 50% हिस्सा ही टैक्सेबल दिखाना होता है। यह उन लोगों के लिए बेहतरीन है जिनके पास खर्चों के बहुत ज्यादा पक्के बिल नहीं होते। याद रखें, फ्रीलांसरों की कमाई पर अक्सर 10% टीडीएस कटता है, जिसे आप रिटर्न भरते समय क्लेम कर सकते हैं।

कौन-सा फॉर्म किसके लिए? (त्वरित गाइड)

| फॉर्म | किसके लिए उपयुक्त |

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| ITR-1 | 50 लाख तक की सैलरी और दो घरों तक की आय वाले व्यक्ति। |

| ITR-2 | कैपिटल गेन या 50 लाख से अधिक आय वाले लोग। |

| ITR-3 | बिजनेस या स्वतंत्र प्रोफेशन से आय वाले लोग। |

| ITR-4 | छोटे बिजनेस और प्रोफेशनल्स (प्रिजम्पटिव स्कीम)। |

डेडलाइन का रखें खास ख्याल

समय पर काम पूरा करना हमेशा सुकून देता है। सामान्य टैक्सपेयर्स (नॉन-ऑडिट) के लिए 31 जुलाई 2026 आखिरी तारीख है। वहीं, जिन लोगों का बिजनेस बड़ा है और ऑडिट की जरूरत है, उनके लिए 31 अगस्त 2026 तक का समय है। हालांकि, बिलेटेड रिटर्न 31 दिसंबर तक भरा जा सकता है, लेकिन वह 'लेट फीस' की कड़वी घूंट के साथ आएगा।

इसलिए, अपनी पासबुक और फॉर्म-16 उठाएं और सही फॉर्म के साथ अपना रिटर्न फाइल करें, ताकि आपका वित्तीय साल बिना किसी तनाव के बीते।

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