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इंटरेस्ट रेट बढ़ने के बावजूद 30-50 और 50-70 लाख रुपये के सेगमेंट में होम लोन की डिमांड बढ़ी है

IMGC के चीफ डिस्ट्रिब्यूशन अफसर अमित दिवान ने कहा कि बैंकों ने इंटरेस्ट रेट बढ़ने का बोझ ग्राहकों पर डाल दिया है। इससे उनकी EMI 10-25 फीसदी तक बढ़ गई है। कुछ ग्राहकों को EMI चुकाने में दिक्कत आ रही है। ग्राहकों के पास सीमित विकल्प हैं

Curated By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Feb 17, 2023 पर 5:15 PM
इंटरेस्ट रेट बढ़ने के बावजूद 30-50 और 50-70 लाख रुपये के सेगमेंट में होम लोन की डिमांड बढ़ी है
RBI के रेपो रेट 2.5 फीसदी तक बढ़ा देने से होम लोन का इंटरेस्ट रेट 9-9.25 फीसदी तक पहुंच गया है।

RBI ने पिछले साल मई में इंटरेस्ट रेट बढ़ाना शुरू किया था। तब से वह इंटरेस्ट रेट 2.5 फीसदी बढ़ा चुका है। इससे होम लोन महंगा हो गया है। होम लोन लेने वाले लोगों की EMI बढ़ गई है। मनीकंट्रोल ने IMGC के चीफ डिस्ट्रिब्यूशन ऑफिसर अमित दिवान से बातचीत में इंटरेस्ट रेट्स बढ़ने के असर के बारे में पूछा। IMGC प्राइवेट मॉर्टगेज गारंटी कंपनी है। मनीकंट्रोल ने दिवान से यह जानने की कोशिश की कि होम लोन की डिमांड पर इंटरेस्ट रेट बढ़ने का कितना असर दिख रहा है। उनका कहना था कि इंटरेस्ट रेट बढ़ने के बावजूद 30-50 लाख और 50-75 लाख सेगमेंट में होम लोन की डिमांड बढ़ी है।

10-25 फीसदी तक बढ़ चुकी है EMI

दिवान ने कहा कि इंटरेस्ट रेट बढ़ने का बोझ बैंकों ने ग्राहकों पर डाला है। इससे लोगों की EMI 10-25 फीसदी तक बढ़ गई है। उनके लिए EMI चुकाना मुश्किल हो रहा है। इंटरेस्ट रेट 9-9.25 फीसदी पर पहुंच गया है। जो लोग होम लोन ले चुके हैं उनके पास सीमित विकल्प हैं। वे अपनी क्रेडिट प्रोफाइल और रिपेमेंट हिस्ट्री के आधार पर बैंक से इंटरेस्ट रेट में रियायत के लिए बातचीत कर सकते हैं।

प्रीपेमेंट करने से EMI घट जाएगी

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