Retirement Planning: रिटायरमेंट के लिए 1 करोड़ रुपये का फंड सुनने में काफी बड़ा लगता है। लेकिन जब रेगुलर सैलरी बंद हो जाती है, तब असली सवाल शुरू होता है। अब 1 करोड़ रुपये से हर महीने कितनी इनकम होगी और यह कितने साल तक चलेगा? अगर आपकी कोई लोन या पैसे जुड़ी कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं भी है, तब भी अगले 20-30 साल तक खर्च चलाने के लिए सही प्लानिंग जरूरी हो जाती है। सही प्लानिंग के बिना 1 करोड़ रुपये भी कम पड़ सकते हैं, लेकिन सही प्लानिंग के साथ बेहतर लाइफ जी सकते हैं।
FD से इनकम: सुरक्षित लेकिन सीमित
अधिकतर लोग रिटायरमेंट के बाद फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) को सबसे सेफ ऑप्शन मानते हैं। अगर 7% ब्याज और टैक्स काटने के बाद हिसाब लगाया जाए, तो 1 करोड़ रुपये से हर महीने करीब 45,000 से 47,000 रुपये की इनकम हो सकती है। यह इनकम फिक्स जरूर है लेकिन इसमें बढ़ोतरी नहीं होती, जबकि खर्च लगातार बढ़ते रहते हैं।
महंगाई रिटायरमेंट प्लानिंग का सबसे बड़ा खतरा है। अगर सालाना 6% महंगाई मानी जाए, तो 10-12 साल में आपके खर्च लगभग दोगुने हो सकते हैं और 20 साल में तीन गुना तक बढ़ सकते हैं। ऐसे में अगर आपकी इनकम फिक्स है, तो धीरे-धीरे आपके लाइफस्टाइल पर असर पड़ेगा।
FD पर ब्याज दर घटने का भी खतरा
FD में एक बड़ा खतरा ये भी है कि इंटरेस्ट घट सकता है। अगर भविष्य में ब्याज दर कम होती है, तो FD से मिलने वाली इनकम भी घट सकती है। यानी आपकी इनकम न सिर्फ लिमिटेड है, बल्कि समय के साथ कम भी हो सकती है।
इक्विटी: ज्यादा रिटर्न लेकिन खतरा भी
अगर FD कम रिटर्न देता है, तो इक्विटी यानी शेयर बाजार बेहतर विकल्प लग सकता है। लंबे समय में इक्विटी म्यूचुअल फंड्स 10-12% तक रिटर्न दे सकते हैं। इससे 1 करोड़ रुपये पर हर महीने 50,000 से 60,000 रुपये तक की इनकम हो सकती है। लेकिन इसमें उतार-चढ़ाव का खतरा होता है। खासकर रिटायरमेंट के शुरुआती सालों में अगर बाजार गिर जाए और आप पैसे निकालते रहें, तो आपका फंड जल्दी खत्म हो सकता है।
डिविडेंड इनकम भी पूरी तरह भरोसेमंद नहीं
कई लोग डिविडेंड या म्यूचुअल फंड के IDCW ऑप्शन को इनकम का ऑप्सन मानते हैं, लेकिन यह भी पूरी तरह भरोसेमंद नहीं है। इसमें रिटर्न कम होता है और यह कंपनी रिजल्ट पर निर्भर करता है।
फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि रिटायरमेंट में हर साल अपने कुल फंड का 3-4% ही निकालना चाहिए। इससे आपका पैसा लंबे समय तक चलता है और अचानक खत्म होने का खतरा कम रहता है।
रिटायरमेंट में एक ही निवेश पर निर्भर रहना सही नहीं है। बेहतर तरीका यह है कि पैसा अलग-अलग जगह लगाएं। जैसे एफडी, शेयर मार्केट आदि। इससे आपको नियमित इनकम भी मिलती रहेगी और महंगाई से भी बचाव होगा। इसमें SIP आपके काम आ सकती है।