नया वित्त वर्ष 1 अप्रैल से शुरू हो गया है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने एसेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) फॉर्म्स नोटिफाय कर दिए हैं। टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि टैक्सपेयर्स इस महीने से रिटर्न फाइल करना शुरू कर सकते हैं। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट पहले आईटीआर फॉर्म्स जारी करता है, उसके बाद यूटिलिटीज एनेबल करता है। इसके बाद टैक्सपेयर्स रिटर्न फाइल कर सकते हैं।
पिछले साल देर से शुरू हुई थी रिटर्न फाइल करने की प्रक्रिया
एक्सपर्ट्स का कहना है कि यूटिलिटीज जल्द एनेबल हो जाने की उम्मीद है। एक एक्सपर्ट ने बताया, "आम तौर पर आईटीआर की फाइलिंग अप्रैल में शुरू हो जाती है। पिछले साल इसमें देर हुई थी, क्योंकि इनकम टैक्स के प्रोविजंस में बड़े बदलाव किए गए थे। इनमें एलटीसीजी, एसटीसीजी और इंडेक्सेशन से जुड़े बदलाव शामिल थे।" उन्होंने कहा कि चूंकि इस बार इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने पहले ही आईटीआर फॉर्म्स नोटिफाय कर दिए हैं, जिससे इस महीने रिटर्न फाइलिंग शुरू हो जाने की उम्मीद है।
सैलरीड टैक्सपेयर्स को फॉर्म 16 मिलने तक करना होगा इंतजार
सैलरीड टैक्सपेयर्स यानी नौकरी करने वाले लोगों को रिटर्न फाइल करने के लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा। इसकी वजह फॉर्म 16 है। सैलरीड टैक्सपेयर्स के रिटर्न फाइल करने के लिए फॉर्म 16 जरूरी है। एंप्लायर्स (कंपनियां) के लिए हर साल 15 जून तक फॉर्म 16 इश्यू करना जरूरी है। इसमें संबंधित वित्त वर्ष में एंप्लॉयीज की सैलरी और टीडीएस की पूरी डिटेल होती है। इस डिटेल का इस्तेमाल इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए होता है।
इनकम टैक्स एक्ट 1961 के तहत फाइल होंगे रिटर्न
इनकम टैक्स एक्ट, 2025 इस महीने (1 अप्रैल) से लागू हो गया है। इसने इनकम टैक्स एक्ट, 1961 की जगह ली है। हालांकि, वित्त वर्ष 2025-26 के इनकम टैक्स रिटर्न इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के तहत फाइल होंगे। टैक्सपेयर्स पहले की तरह 'प्रीवियस ईयर'और 'एसेसमेंट ईयर' का इस्तेमाल करेंगे। इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स के लिए रिटर्न फाइल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई होगी। सरकार ने 30 मार्च को एसेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए आईटीआर फॉर्म्स नोटिफाय कर दिए। इनमें आईटीआर-1 से लेकर आईटीआर-7 फॉर्म्स शामिल हैं।
दो हाउस प्रॉपर्टीज होने पर भी आईटीआर-1 के इस्तेमाल की इजाजत
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के नोटिफिकेशन के मुताबिक, अब आईटीआर-1 (सहज) फॉर्म का इस्तेमाल दो हाउस प्रॉपर्टीज से इनकम की रिपोर्टिंग के लिए होगा। पहले ऐसे टैक्सपेयर्स जिनकी एक से ज्यादा हाउस प्रॉपर्टीज थी, उन्हें आईटीआर-2 या आईटीआर-3 का इस्तेमाल करना पड़ता था। हालांकि, आईटीआर-1 के इस्तेमाल के लिए कुछ शर्तें पहले की तरह बनी रहेंगी। अगर किसी टैक्सपेयर बिजनेस या प्रोफेशनल इनकम है, सेक्शन 112ए के तहत 1.25 लाख से ज्यादा कैपिटल गेंस है या लॉटरी जीतने या हॉर्सरेस जैसे स्रोतों से इनकम है तो वह वह आईटीआर-1 का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा।