Aadhaar Card update: 7 से 15 साल के बच्चों का मुफ्त में अपडेट हो रहा आधार, जानिए कैसे उठा सकते हैं लाभ

Aadhaar Card update: UIDAI ने 7 से 15 साल के बच्चों के आधार बायोमेट्रिक अपडेट को एक साल के लिए मुफ्त कर दिया है। इससे माता-पिता आसानी से MBU पूरा कर सकेंगे। यह पहल बच्चों के रिकॉर्ड सही रखने और आधार से जुड़ी सेवाएं बिना रुकावट दिलाने में मदद करेगी। जानिए कैसे उठा सकते हैं इस स्कीम का फायदा।

अपडेटेड Nov 17, 2025 पर 3:59 PM
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सही समय पर बायोमेट्रिक अपडेट कराने से बच्चे के आधार रिकॉर्ड सटीक और वैध रहते हैं।

Aadhaar Card update: भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने Behavioural Insights Limited (BIT) नाम की व्यवहार अनुसंधान संस्था के साथ हाथ मिलाया है। इसका मकसद बच्चों के आधार बायोमेट्रिक अपडेट की प्रक्रिया को और आसान बनाना है। यह साझेदारी Mandatory Biometric Update (MBU) को बेहतर करने पर केंद्रित है। इसे हर बच्चे को 5 और 15 साल की उम्र में कराना जरूरी होता है। इस अपडेट में नए फिंगरप्रिंट, आइरिस स्कैन और फोटो शामिल होते हैं।

माता-पिता बायोमेट्रिक अपडेट में देरी क्यों करते हैं?

UIDAI ने देखा है कि कई माता-पिता भ्रम, कम जानकारी या असुविधा की वजह से बच्चों का बायोमेट्रिक अपडेट समय पर नहीं कराते। इसकी वजह से कई बच्चों को आधार से जुड़ी जरूरी सेवाओं का लाभ लेने में दिक्कत आती है।


UIDAI इसीलिए BIT के साथ मिलकर यह समझने की कोशिश करेगा कि माता-पिता कौन-सी वजहों से अपडेट टालते हैं। इसके बाद एक्सपर्ट ऐसे सरल नोटिफिकेशन, रिमाइंडर्स और कम्युनिकेशन टूल तैयार करेंगे, जो परिवारों को समय पर अपडेट पूरा करने में मदद करेंगे।

शुल्क माफी से दिया जा रहा प्रोत्साहन

बच्चों के बायोमेट्रिक अपडेट को बढ़ावा देने के लिए UIDAI ने 7 से 15 साल के बच्चों के लिए अपडेट शुल्क एक साल के लिए पूरी तरह माफ कर दिया है। यह छूट 1 अक्टूबर 2025 से लागू हो गई है। इस कदम का फायदा लाखों परिवारों को मिलेगा, खासकर उन लोगों को जो फीस की वजह से अपडेट टाल देते थे। यह अस्थायी छूट माता-पिता को समय पर MBU पूरा करने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से दी गई है।

यह पहल क्यों महत्वपूर्ण है?

UIDAI के CEO भुवनेश कुमार के मुताबिक, तकनीक को इंसानी व्यवहार की समझ के साथ जोड़ने से आधार सेवाएं ज्यादा बेहतर होने के साथ यूजर्स की जरूरत के हिसाब से बनेंगी। उनका कहना है कि यह पहल परिवारों के अनुभव को आसान बनाने और बच्चों के आधार रिकॉर्ड को सही रखने के लिए बनाई गई है।

BIT की CEO रशेल कॉयल ने भी कहा कि व्यवहार आधारित तरीकों से समय पर बायोमेट्रिक अपडेट कराने में काफी मदद मिल सकती है। इससे बच्चे बिना किसी दिक्कत के आधार से जुड़ी जरूरी सेवाएं हासिल कर सकेंगे।

समय पर बायोमेट्रिक अपडेट क्यों जरूरी है?

सही समय पर बायोमेट्रिक अपडेट कराने से बच्चे के आधार रिकॉर्ड सटीक और वैध रहते हैं। यह इसलिए जरूरी है क्योंकि आधार कई सरकारी योजनाओं, पहचान दस्तावेजों, शिक्षा लाभ और कल्याणकारी कार्यक्रमों से जुड़ा हुआ है। रिकॉर्ड ठीक होने पर बच्चों को इन सेवाओं का लाभ लेने में कोई मुश्किल नहीं आती।

कहां और कैसे कराएं आधार अपडेट?

बच्चों का आधार बायोमेट्रिक अपडेट कराने के लिए माता-पिता को किसी भी अधिकृत आधार एनरोलमेंट सेंटर पर जाना होता है। इन केंद्रों पर बच्चे के फिंगरप्रिंट, आइरिस स्कैन और नई फोटो दोबारा ली जाती है और तुरंत आधार रिकॉर्ड में अपडेट कर दी जाती है।

कौन-सा केंद्र आपके घर के सबसे पास है, यह जानने के लिए आप भूवन आधार पोर्टल पर जा सकते हैं। इस पोर्टल पर पूरे देश के सभी अधिकृत आधार केंद्रों की सूची और उनका पता उपलब्ध है। वहां से नजदीकी एनरोलमेंट सेंटर चुनकर माता-पिता सीधे जाकर अपडेट करवा सकते हैं।

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