Digital Life Certificate: पेंशन पाने वाले नागरिकों को समय पर जीवन प्रमाण पत्र (Jeevan Pramaan Patra) जमा करना बेहद जरूरी है। इसे डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) के जरिए ऑनलाइन भी जमा किया जा सकता है। इसे हर साल जमा करना होता है। अगर यह दस्तावेज समय पर जमा नहीं हुआ, तो पेंशन रूक सकती है।
कई बुजुर्ग पेंशनर्स ऑनलाइन तरीके से डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) जमा करते हैं। लेकिन, इस आवेदन के रिजेक्ट होने पर कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यह सिस्टम हर साल होने वाली ‘प्रूफ-ऑफ-लाइफ’ प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए बनाया गया है।
पेंशनभोगियों को को 30 नवंबर तक हर हाल में जीवन प्रमाण जमा करना होता है। ताकि उनकी पेंशन बिना रुकावट जारी रहे। लेकिन कई बार ऑनलाइन आवेदन रिजेक्ट होने से मुश्किल हो जाती है। इससे पेंशन मिलने में देरी हो सकती है।
डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) क्या है?
DLC आधार से जुड़ा बायोमेट्रिक दस्तावेज है। यह साबित करता है कि पेंशनर जीवित है और पेंशन का हकदार है। इसकी खास बात यह है कि पेंशनर को बैंक या पेंशन ऑफिस जाने की जरूरत नहीं पड़ती। फिंगरप्रिंट या आइरिस स्कैन के बाद यह सर्टिफिकेट सीधे पेंशन देने वाली एजेंसी (PDA) को डिजिटल रूप से भेज दिया जाता है।
पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW) ने करोड़ों पेंशनरों के लिए यह प्रक्रिया काफी आसान कर दी है। इससे उन्हें हर साल बैंक या पेंशन कार्यालय में जाकर अपना लाइफ स्टेटस साबित नहीं करना पड़ता।
किस वजह से रिजेक्ट होता है DLC
DLC यानी डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट के रिजेक्ट होने के कुछ आम कारण हैं। सभी पेंशनभोगियों को इनका ध्यान रखना चाहिए।
पेंशनर्स भले ही डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट का पूरा प्रोसेस सही तरीके से कर ले। लेकिन, अगर ऊपर बताए कारणों में से एक भी गड़बड़ी है, तो सिस्टम डेटा मैच नहीं कर पाता और आवेदन रिजेक्ट कर देता है।
अपना DLC स्टेटस कैसे जांचें?
अगर आपने DLC जमा किया है लेकिन यह पता नहीं कि वह स्वीकार हुआ या नहीं, तो jeevanpramaan.gov.in पर जाकर अपनी प्रमान आईडी डालें। वहां आप देख सकते हैं कि आपका सर्टिफिकेट- स्वीकार हुआ है, लंबित है, या रिजेक्ट किया गया है। ऑनलाइन जांच करना बेहतर है, क्योंकि कई बार SMS अलर्ट नहीं मिलते।
रिजेक्टेड DLC कैसे ठीक करें?
बेशक DLC सिस्टम बुजुर्गों के लिए सालाना जीवन-प्रमाणीकरण को बहुत आसान बनाती है। लेकिन, कमजोर बायोमेट्रिक स्कैन या छोटी-सी जानकारी में गड़बड़ी की वजह से रिजेक्शन भी हो सकता है। ऐसे में जरूरी है कि डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट को सावधानी से भरें। साथ ही, समय-समय पर स्टेटस चेक करें। इससे आप किसी भी गड़बड़ी को समय रहते सुधार पाएंगे।