Digital life certificate: हर पेंशनभोगी नहीं जमा कर सकता डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट, लास्ट डेट के साथ जानिए पूरी डिटेल

Digital life certificate: डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट यानी जीवन प्रमाण ने पेंशनभोगियों के लिए प्रक्रिया आसान कर दी है, लेकिन हर कोई इसका उपयोग नहीं कर सकता। जानिए कौन जमा कर सकता है, आखिरी तारीख क्या है और घर बैठे कैसे जमा करें।

अपडेटेड Nov 05, 2025 पर 4:52 PM
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केंद्र और राज्य सरकार के सभी पेंशनभोगियों को 30 नवंबर तक अपना जीवन प्रमाणपत्र जमा करना जरूरी है।

Digital life certificate: हर साल लाखों सरकारी पेंशनभोगियों को अपनी पहचान और जीवित होने का सबूत देने के लिए जीवन प्रमाणपत्र जमा करना पड़ता है। पहले यह प्रक्रिया लंबी और झंझट भरी थी, बैंक या पोस्ट ऑफिस के चक्कर लगाने पड़ते थे। लेकिन अब जीवन प्रमाण (Jeevan Pramaan) नाम की डिजिटल सुविधा ने यह काम आसान बना दिया है। इसके जरिए पेंशनभोगी घर बैठे कुछ मिनटों में ही ऑनलाइन अपना प्रमाणपत्र जमा कर सकते हैं।

केंद्र और राज्य सरकार के सभी पेंशनभोगियों को 30 नवंबर तक अपना जीवन प्रमाणपत्र जमा करना जरूरी है। चाहे ऑनलाइन करें या ऑफलाइन। ऐसा न करने पर पेंशन का भुगतान रुक सकता है। जीवन प्रमाण जमा करने के लिए ऑनलाइन कई आसान विकल्प मौजूद हैं। आइए जानते हैं कि इस सुविधा का लाभ कौन-कौन लोग और कैसे उठा सकते हैं।

इन पेंशनभोगियों के लिए नहीं है सुविधा


डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (Digital Life Certificate) की सुविधा उन पेंशनभोगियों के लिए नहीं है, जो दोबारा शादी कर चुके हैं या किसी नौकरी में फिर से लग चुके हैं। ऐसे लोगों को अपना जीवन प्रमाणपत्र पुराने तरीके से यानी सीधे अपनी पेंशन डिस्बर्सिंग अथॉरिटी (PDA) को जमा करना होता है। यह नियम जीवन प्रमाण पोर्टल के दिशानिर्देशों में स्पष्ट बताया गया है।

जीवन प्रमाण से जुड़े जरूरी सवाल-जवाब:

1. जीवन प्रमाण क्या है?

जीवन प्रमाण एक आधार और बायोमेट्रिक आधारित डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट है, जिसे पेंशनभोगियों के लिए बनाया गया है। इसे पेंशनभोगी के आधार नंबर और बायोमेट्रिक जानकारी (आईरिस या फिंगरप्रिंट) से तैयार किया जाता है।

इस सुविधा से पेंशनभोगियों को बैंक या पोस्ट ऑफिस जाकर प्रमाणपत्र जमा करने की जरूरत नहीं पड़ती। सर्टिफिकेट ऑनलाइन तैयार होकर अपने-आप पेंशन देने वाली संस्था तक पहुंच जाता है।

2. यह पुराने तरीके से कैसे अलग है?

पारंपरिक प्रमाणपत्र में पेंशनभोगी को बैंक या डाकघर जाकर कागज जमा करना पड़ता था। लेकिन जीवन प्रमाण में सबकुछ ऑनलाइन होता है। हर सर्टिफिकेट को एक यूनिक प्रमाण-ID दी जाती है, जो डिजिटल रूप में सुरक्षित रहती है।

3. कौन लोग इसका इस्तेमाल कर सकते हैं?

केवल वे पेंशनभोगी इस सुविधा का लाभ ले सकते हैं जिनकी पेंशन सैंक्शनिंग अथॉरिटी (PSA) जीवन प्रमाण प्लेटफॉर्म पर रजिस्टर्ड है।

जो लोग दोबारा शादी कर चुके हैं या नौकरी में दोबारा शामिल हुए हैं, वे इसका इस्तेमाल नहीं कर सकते। कौन-कौन सी अथॉरिटी रजिस्टर्ड हैं, यह जानकारी जीवन प्रमाण पोर्टल के ‘Circulars’ सेक्शन में मिल जाएगी।

4. जीवन प्रमाण बनाने के लिए क्या जरूरी है?

  • आधार नंबर
  • नाम
  • मोबाइल नंबर
  • पेंशन से जुड़ी जानकारी (PPO नंबर, बैंक डिटेल्स, पेंशन अकाउंट नंबर, पेंशन सैंक्शनिंग अथॉरिटी का नाम आदि)
  • बायोमेट्रिक जानकारी (आईरिस या फिंगरप्रिंट)

5. क्या इसे बैंक या पोस्ट ऑफिस में जमा करना पड़ता है?

नहीं। जीवन प्रमाण अपने-आप बैंक या पोस्ट ऑफिस जैसी पेंशन डिस्बर्सिंग एजेंसियों को भेज दिया जाता है। पेंशनभोगी को इसे कहीं ले जाने की जरूरत नहीं होती।

EPFO पेंशनभोगियों के लिए घर बैठे सुविधा

EPFO और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) ने मिलकर EPFO पेंशनभोगियों के लिए घर बैठे डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट की सेवा शुरू की है। यह सुविधा पूरी तरह मुफ्त है। इसके तहत पेंशनभोगी घर पर ही बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन करवा सकते हैं। इससे उन्हें बैंक या EPFO ऑफिस जाने की जरूरत नहीं होती।

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