LPG, PNG और होर्मुज जलडमरूमध्य... समझिए कैसे काम करती है भारत की गैस इकोनॉमी

ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से भारत की गैस सप्लाई पर दबाव बढ़ गया है। जानिए भारत की गैस इकोनॉमी कैसे काम करती है, LPG और PNG की भूमिका क्या है और आयात पर देश कितना निर्भर है।

अपडेटेड Mar 10, 2026 पर 3:38 PM
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वित्त वर्ष 2024 में भारत ने करीब 29.6 मिलियन टन LPG की खपत की थी।

ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी युद्ध मंगलवार को 11वें दिन में पहुंच गया है। इस बीच पिछले सात दिनों से अहम होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) बंद है। इसके कारण गैस सप्लायर्स ने फोर्स मेज्योर (Force Majeure) लागू कर दिया है। इसका मतलब है कि कंपनी तय सप्लाई या सेवा नहीं दे पाएगी। इसके लिए उसे कॉन्ट्रैक्ट तोड़ने का दोषी नहीं माना जाएगा।

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। भारत आने वाली LPG की खेप धीमी पड़ गई है। सोमवार से महाराष्ट्र, पंजाब और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में गैस की सप्लाई या तो रोक दी गई है या काफी कम कर दी गई है।

भारत की गैस अर्थव्यवस्था कैसे काम करती है


भारत में हर दिन करीब 190 मिलियन मीट्रिक स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर (mmscm) गैस की खपत होती है। इसमें से लगभग आधी गैस आयात की जाती है। उर्वरक उद्योग रोजाना करीब 58 mmscmd गैस इस्तेमाल करता है

  • बिजली क्षेत्र करीब 25 mmscmd गैस का उपयोग करता है
  • रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल सेक्टर करीब 22 mmscmd गैस लेते हैं
  • सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियां करीब 37 mmscmd गैस इस्तेमाल करती हैं
  • इसके अलावा बाकी गैस अन्य उद्योगों और क्षेत्रों में खपत होती है।
  • बाकी गैस अन्य उद्योगों और क्षेत्रों में इस्तेमाल होती है।

भारत में गैस के तीन मुख्य प्रकार

भारत में आमतौर पर तीन तरह के गैस ईंधन इस्तेमाल होते हैं। इनमें LPG यानी Liquefied Petroleum Gas, PNG यानी Piped Natural Gas और कमर्शियल या इंडस्ट्रियल गैस शामिल है, जो सिटी गैस नेटवर्क के जरिए सप्लाई की जाती है।

LPG की खपत कितनी है

वित्त वर्ष 2024 में भारत ने करीब 29.6 मिलियन टन LPG की खपत की थी। औसतन हर महीने करीब 2.6 मिलियन टन LPG इस्तेमाल होती है। देश में अब 33 करोड़ से ज्यादा LPG उपभोक्ता हैं। इनमें करीब 90 प्रतिशत मांग घरेलू उपयोग से आती है, जबकि बाकी मांग होटल और अन्य कमर्शियल संस्थानों से होती है।

भारत अपनी LPG जरूरत का 60 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा आयात से पूरा करता है और इसमें से करीब 90 प्रतिशत सप्लाई Strait of Hormuz के रास्ते आती है।

PNG की सप्लाई किन कंपनियों से होती है

PNG की सप्लाई सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियां करती हैं। इनमें Mahanagar Gas Ltd., Gujarat Gas Ltd. और Indraprastha Gas Ltd. जैसी कंपनियां शामिल हैं। PNG का इस्तेमाल घरों के अलावा होटल, रेस्टोरेंट और अन्य कमर्शियल प्रतिष्ठानों में भी होता है।

सप्लाई में रुकावट का असर

कमर्शियल और इंडस्ट्रियल गैस की मांग कई सेक्टरों से आती है। इनमें होटल और रेस्टोरेंट, अस्पताल, मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स और ग्लास तथा सिरेमिक फैक्ट्रियां शामिल हैं।

रेस्टोरेंट कारोबारियों ने चेतावनी दी है कि LPG की कमी से फूड सर्विस सेक्टर पर असर पड़ सकता है और कई जगहों पर रेस्टोरेंट बंद करने की नौबत आ सकती है। इसका असर फूड डिलीवरी कंपनियों पर भी पड़ सकता है।

सरकार ने प्राथमिकता वाले सेक्टर तय किए

केंद्र सरकार ने आदेश जारी किया है कि प्राकृतिक गैस की सप्लाई प्राथमिकता वाले सेक्टरों को दी जाएगी। इसमें regasified LNG भी शामिल है। इस आदेश के बाद उर्वरक कंपनियों के शेयरों में तेजी देखने को मिली है। सिटी गैस कंपनियों के शेयरों में भी 4 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई है।

अब सिर्फ अस्पतालों और स्कूलों को मिलेंगे कमर्शियल LPG सिलेंडर, होटल-रेस्टोरेंट की सप्लाई पर रोक

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