Retirement Planning: नौकरी के दौरान हर महीने सैलरी खाते में आ जाती है। इसलिए खर्च की ज्यादा चिंता नहीं होती। लेकिन रिटायरमेंट के बाद यही सबसे बड़ी चुनौती बन जाती है। सैलरी बंद हो जाती है, लेकिन खर्च नहीं रुकते। हर महीने राशन खरीदना है, बिजली का बिल भरना है, दवाइयां लेनी हैं और रोजमर्रा की जरूरतें भी पूरी करनी हैं।
