अगर आप इनवेस्टमेंट में कुछ रिस्क ले सकते हैं तो आपके लिए 10-12 वर्षों में 1 करोड़ रुपये का फंड बनाना मुश्किल नहीं होगा। फाइनेंशियल प्लानिंग एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर आप 10 वर्षों में 1 करोड़ रुपये के फंड तक पहुंचना चाहते हैं, तो टैक्स के बाद 10 प्रतिशत प्रति वर्ष के रिटर्न के अनुमान के साथ आपको 50,000 रुपये प्रति माह का इनवेस्टमेंट करना होगा।
अगर आप यही फंड 12 वर्षों में तैयार करना चाहते हैं तो आपको प्रति माह 37,000 रुपये का इनवेस्टमेंट करने की जरूरत होगी।
इसके लिए आप इक्विटी डायवर्सिफाइड म्यूचुअल फंड्स में इनवेस्ट कर सकते हैं। मार्केट के विभिन्न साइकल में अच्छा प्रदर्शन करने वाले इन फंड्स पर आप विचार कर सकते हैं।
HDFC / ICICI / SBI Nifty Index Fund (रिटर्न 20 प्रतिशत)
UTI फ्लेक्सिकैप फंड (रिटर्न 15 प्रतिशत)
मिराए एसेट लार्ज कैप फंड (रिटर्न 15 प्रतिशत)
DSP मिडकैप/ एक्सिस मिडकैप (रिटर्न 15 प्रतिशत)
इन फंड्स का सुझाव देने के लिए कारण किसी एक फंड में अधिक इनवेस्टमेंट से बचना और पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाइ करना है। सेक्टोरल और थीमेटिक फंड्स से बचना ठीक रहेगा क्योंकि इन फंड्स में रिस्क अधिक होता है।
आमतौर पर, लंबी अवधि के लक्ष्यों के लिए रिस्क को कम करना बेहतर होता है और इसके लिए आप लक्ष्य तक पहुंचने से पहले हर महीने जमा राशि में से कुछ निकालने की शुरुआत करते हैं। इसके लिए आप सभी फंड्स में सिस्टेमैटिक विड्रॉल प्लान (SWP) को चुन सकते हैं।
नौवें वर्ष तक इनवेस्टमेंट और दसवें वर्ष के पहले महीने से SWP की शुरुआत हो सकती है। अगर आप इस स्ट्रैटेजी पर चलते हैं तो आपको नौ वर्षों के लिए प्रत्येक महीने 56,000 रुपये का SIP करना होगा। अगर आप अपने लक्ष्य को 12 वर्षों में पूरा करना चाहते हैं तो आपको 11 वर्षों तक प्रत्येक महीने 41,000 रुपये का SIP और 12वें वर्ष की शुरुआत से विड्रॉल करना होगा।