ITR Filing 2026: ITR भरते समय गलती हो जाना बहुत आम बात है। कई बार लोग किसी खास कमाई की जानकारी देना भूल जाते हैं। गलत बैंक खाता भी भर देते हैं, गलत टैक्स व्यवस्था चुन लेते हैं या फिर किसी जरूरी कटौती का दावा करना भूल जाते हैं। अच्छी बात यह है कि ऐसी गलतियों को सुधारने के लिए इनकम टैक्स विभाग रिवाइज्ड रिटर्न (Revised Return) फाइल करने की सुविधा देता है।
रिवाइज्ड रिटर्न क्या होता है?
अगर आपने ITR जमा करने के बाद कोई गलती पकड़ ली है, तो आप उसे दोबारा सुधारकर नया रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। इसे ही रिवाइज्ड रिटर्न कहा जाता है। इसके जरिए कमाई, टैक्स, कटौती, बैंक डिटेल्स, TDS या अन्य जानकारी में हुई गलती को ठीक किया जा सकता है।
किन गलतियों को सुधार सकते हैं?
रिवाइज्ड रिटर्न के जरिए कई तरह की गलतियां सुधारी जा सकती हैं। हो सकता है आप किसी आय की जानकारी देना भूल गए हों। कई बार गलत बैंक खाता दर्ज हो जाता है। कुछ लोग गलती से गलत टैक्स रिजीम चुन लेते हैं। TDS की जानकारी भी छूट सकती है।
कई बार टैक्स छूट या कटौती का दावा करना भूल जाते हैं। निवेश या बैंक ब्याज की जानकारी गलत भर जाना भी आम बात है। ऐसी सभी गलतियों को रिवाइज्ड रिटर्न के जरिए ठीक किया जा सकता है।
रिवाइज्ड रिटर्न कैसे फाइल करें?
सारी जानकारी अपडेट करने के बाद रिटर्न सबमिट करें और आधार OTP या अन्य उपलब्ध तरीकों से ई-वेरिफिकेशन पूरा करें।
रिवाइज्ड रिटर्न कब तक फाइल कर सकते हैं?
इनकम टैक्स नियमों के मुताबिक रिवाइज्ड रिटर्न असेसमेंट ईयर खत्म होने से पहले या विभाग की ओर से असेसमेंट पूरा होने से पहले, जो भी पहले हो, फाइल किया जा सकता है।
इसीलिए अगर आपको कोई गलती दिखती है, तो उसे जल्द से जल्द सुधार लेना बेहतर रहता है। आखिरी समय तक इंतजार करने से बचना चाहिए।
रिवाइज्ड रिटर्न पर नोटिस आ सकता है?
सिर्फ रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने से कोई नोटिस नहीं आता। बल्कि यह दिखाता है कि करदाता अपनी गलती सुधारने की कोशिश कर रहा है।
हालांकि अगर किसी ने जानबूझकर आय छिपाई है या गलत जानकारी दी है, तो विभाग उस मामले की अलग से जांच कर सकता है।
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