Tax Refund: टैक्स रिफंड जल्दी चाहते हैं? जानिए किन 5 गलतियों से बचना है जरूरी

Tax Refund: ITR भरते समय छोटी-सी गलती भी आपके टैक्स रिफंड में देरी करा सकती है। अगर आप चाहते हैं कि रिफंड जल्द मिले, तो इन 5 जरूरी बातों का ध्यान रखें। साथ ही जानिए ITR रिफंड स्टेटस चेक करने का आसान तरीका।

अपडेटेड Jun 30, 2026 पर 3:05 PM
ITR दाखिल करने के बाद 30 दिनों के भीतर उसका ई-वेरिफिकेशन भी करना जरूरी है।

Tax Refund: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरते वक्त कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। गलत जानकारी देने या किसी जरूरी प्रक्रिया को छोड़ने पर आपका रिटर्न प्रोसेस होने में देरी हो सकती है। इसके चलते टैक्स रिफंड आने में भी देरी हो सकती है।

आइए जानते हैं कि ITR भरते वक्त किन 5 बातें का ध्यान रखना चाहिए, ताकि आपका टैक्स रिफंड जल्दी आ सके। साथ ही, रिफंड स्टेटस चेक करने का तरीका भी जानेंगे।

1. PAN-Aadhaar लिंक और प्रोफाइल अपडेट


अगर आप पहली दफा ITR फाइल कर रहे हैं, तो सबसे पहले इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के ई-फाइलिंग पोर्टल पर Taxpayer के तौर पर रजिस्ट्रेशन करें। इसके बाद सुनिश्चित करें कि आपका PAN और Aadhaar लिंक हो।

साथ ही नाम, जन्मतिथि, जेंडर जैसी जानकारी PAN रिकॉर्ड से मेल खानी चाहिए। मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और पता भी अपडेट रखें, ताकि टैक्स विभाग जरूरत पड़ने पर आपसे संपर्क कर सके।

2. बैंक अकाउंट वैलिडेट करें और सही ITR फॉर्म चुनें

अगर आपका टैक्स रिफंड बनता है, तो वह सीधे बैंक खाते में आएगा। इसके लिए बैंक अकाउंट का इनकम टैक्स पोर्टल पर वैलिडेशन जरूरी है।

बैंक अकाउंट PAN से लिंक होना चाहिए, IFSC और बैंक की जानकारी सही होनी चाहिए। PAN और बैंक खाते में दर्ज नाम एक जैसा होना चाहिए। इसके साथ ही अपनी इनकम के सोर्स के हिसाब से सही ITR फॉर्म चुनें। गलत फॉर्म चुनने पर रिटर्न और रिफंड में देरी हो सकती है।

3. टैक्स छूट और TDS की जानकारी का मिलान करें

अगर आप किसी टैक्स छूट या डिडक्शन का दावा कर रहे हैं, तो उससे जुड़े दस्तावेज जरूर जांच लें। साथ ही Form 26AS, एनुअल इन्फॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) और टोटल इनकम स्टेटमेंट (TIS) में दर्ज TDS, TCS और अन्य टैक्स क्रेडिट का मिलान जरूर करें।

किसी तरह की गड़बड़ी मिलने पर रिटर्न प्रोसेस होने में देरी हो सकती है। अगर आप उसे समय रहते सुधार लेंगे, तो परेशानी से बच जाएंगे।

4. ITR समय से पहले फाइल करें

आखिरी तारीख का इंतजार करने से बचें। समय रहते ITR फाइल करने पर आपको सभी जानकारियां दोबारा जांचने और गलती सुधारने का मौका मिल जाता है। इससे रिटर्न रिजेक्ट होने या प्रोसेसिंग में देरी की आशंका भी कम रहती है।

5. फाइलिंग के बाद ई-वेरिफिकेशन न भूलें

ITR फाइल करना आखिरी कदम नहीं है। रिटर्न अपलोड करने के बाद 30 दिनों के भीतर उसका ई-वेरिफिकेशन भी करना जरूरी है।

यह काम Aadhaar OTP, डिजिटल सिग्नेचर या अन्य उपलब्ध माध्यमों से किया जा सकता है। अगर तय समय में ई-वेरिफिकेशन नहीं किया गया, तो ITR अमान्य माना जाएगा। ऐसे में टैक्स रिफंड भी जारी नहीं होगा।

ऐसे चेक करें ITR रिफंड का स्टेटस

  • इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के e-Filing Portal पर लॉग इन करें।
  • e-File मेन्यू में जाकर Income Tax Returns पर क्लिक करें।
  • View Filed Returns विकल्प चुनें।
  • जिस असेसमेंट ईयर का रिफंड देखना है, उसे चुनें।
  • वहां आपको ITR का स्टेटस, प्रोसेसिंग की स्थिति और रिफंड से जुड़ी जानकारी दिखाई दे जाएगी।

या फिर आप NSDL/TIN के रिफंड ट्रैकिंग पोर्टल पर PAN और असेसमेंट ईयर दर्ज करके भी रिफंड का स्टेटस देख सकते हैं।

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