अप्रैल वह महीना है जिसमें नौकरी (प्राइवेट) करने वाले लोगों को अपने प्रस्तावित इनवेस्टमेंट (Proposed Investment) के बारे में अपनी कंपनी के फाइनेंस डिपार्टमेंट को बताना पड़ता है। आम तौर पर एंप्लॉयी इनकम टैक्स के सेक्शन 80सी और सेक्शन 80डी जैसे डिडक्शन के प्रावधान को ध्यान में रख अपने इनवेस्टमेंट प्लान के बारे में बताते हैं। कंपनियां इस लिए एंप्लॉयीज से ये जानकारियां मांगती हैं, क्योंकि उनके लिए TDS काटना जरूरी होता है। TDS के कैलेकुलेशन के लिए एंप्लॉयीज की टैक्सबेल इनकम को जानना बहुत जरूरी है। इसलिए आपको प्रस्तावित इनवेस्टमेंट के बारे में कंपनी को बताने के लिए पहले से तैयार रहना चाहिए।
