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अपने लिए कैसे करें इनकम टैक्स की सही रीजीम का चुनाव?

फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीताारमण ने कहा था कि फाइनेंशियल ईयर 2023-24 से इनकम टैक्स की नई रीजीम डिफॉल्ट रीजीम हो जाएगी। इसका मतलब है कि अगर कोई एंप्लॉयी ओल्ड रीजीम का इस्तेमाल करना चाहता है तो उसे अपनी कंपनी के फाइनेंस डिपार्टमेंट को इस बारे में बताना होगा

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 08, 2023 पर 5:57 PM
अपने लिए कैसे करें इनकम टैक्स की सही रीजीम का चुनाव?
टैक्स सेविंग्स न सिर्फ आपको टैक्स बचाने में मदद करती है, बल्कि लंबी और मध्यम अवधि के वित्तीय लक्ष्य को पूरे करने में भी मदद करती है।

अप्रैल वह महीना है जिसमें नौकरी (प्राइवेट) करने वाले लोगों को अपने प्रस्तावित इनवेस्टमेंट (Proposed Investment) के बारे में अपनी कंपनी के फाइनेंस डिपार्टमेंट को बताना पड़ता है। आम तौर पर एंप्लॉयी इनकम टैक्स के सेक्शन 80सी और सेक्शन 80डी जैसे डिडक्शन के प्रावधान को ध्यान में रख अपने इनवेस्टमेंट प्लान के बारे में बताते हैं। कंपनियां इस लिए एंप्लॉयीज से ये जानकारियां मांगती हैं, क्योंकि उनके लिए TDS काटना जरूरी होता है। TDS के कैलेकुलेशन के लिए एंप्लॉयीज की टैक्सबेल इनकम को जानना बहुत जरूरी है। इसलिए आपको प्रस्तावित इनवेस्टमेंट के बारे में कंपनी को बताने के लिए पहले से तैयार रहना चाहिए।

फाइनेंशियल प्लानिंग का सही वक्त

फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत अपने फाइनेंशियल प्लान में बदलाव करने के लिए भी सही समय होता है। दरअसल, आपकी टैक्स प्लानिंग और इनवेस्टमेंट प्लानिंग के बीच तालमेल होना चाहिए। आपको सिर्फ टैक्स बचाने के लिए टैक्स प्लानिंग नहीं करनी चाहिए। आपको इसे अपने इनवेस्टमेंट गोल का हिस्सा बनाना चाहिए।

नई या पुरानी इनकम टैक्स की रीजीम का इस्तेमाल

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