ICICI Bank Data Leak: प्राइवेट सेक्टर के ICICI Bank ने 22 अप्रैल को इस बात से साफ इनकार कर दिया कि बैंक का डेटा लीक हुआ है। बैंक के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर संदीप बत्रा ने कहा कि डेटा लीक होने के कोई सबूत नहीं मिले हैं। 22 अप्रैल को ICICI Bank ने मार्च 2023 तिमाही के अपने नतीजे जारी किए थे। इसके बाद प्रेस को दी गई जानकारी में बताया, "यह एक गलत जानकारी है। डेटा लीक होने का कोई सबूत नहीं है।"
इससे पहले 21 अप्रैल को एक डिजिटल न्यूज पोर्टल Cybernews.com ने जानकारी दी थी कि ICICI Bank के 36 लाख डेटा फाइल्स की चोरी हो गई है।
Cybernews.com की रिपोर्ट के मुताबिक ज्यादातर हैकर्स बैंकिंग और फाइनेंस से जुड़े डेटा को चोरी करने का काम सबसे ज्यादा करते हैं क्योंकि इसके जरिये वह सबसे ज्यादा ठगी का काम कर सकते हैं। किसी बैंक का डेटा लीक होना बहुत बड़ी लापरवाही है क्योंकि इससे सीधे तौर पर बैंक और ग्राहकों का डेटा जुड़ा होता है। हालांकि, ये अभी साफ नहीं है कि ये डेटा लीक किसकी वजह से हुआ है।
कई जानकारी लीक होने का किया गया दावा
रिपोर्ट के मुताबिक ICICI बैंक का यह डेटा क्रिटिकल इंफॉर्मेशन इंफ्रास्ट्रक्चर केटेगरी में रखा गया है। यानी ऐसी जानकारी के लीक होने से ग्राहकों के साथ-साथ, देश और सरकार को भी नुकसाना हो सकता है। इंडियन कम्प्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम और बैंक ने इस परेशानी को ठीक कर दिया है। आईसीआईसीआई ने ऐसे किसी भी डेटा लीक से मना किया है।
बैंक के पास है ये जानकारी
ICICI बैंक के पास अपने ग्राहकों की बैंक की डिटेल्स, क्रेडिट कार्ड, नाम, डेट ऑफ बर्थ, पता, फोन नंबर और ई-मेल एड्रेस की जानकारी है। इसके अलावा उनके स्टोरेज में ग्राहकों के पासपोर्ट, आईडी, पैन कार्ड, बैंक स्टेटमेंट आदि की जानकारी होती है।