आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट कंपनी (एएमसी) स्पेशियलाइज्ड इनवेस्टमेंट फंड (एसआईएफ) के तहत दो एनएफओ लॉन्च करेगी। आईएसआईएफ हाइब्रिड लॉन्ग-शॉर्ट फंड और आईएसआईएफ इक्विटी एक्स-टॉप 100 लॉन्ग-शॉर्ट फंड 16 जनवरी, 2026 से निवेश के लिए ओपन हो जाएंगे। ये एनएफओ 30 जनवरी, 2026 को बंद होंगे।
इनवेस्टमेंट की नई कैटेगरी है SIF
इस लॉन्च के साथ ही SIF सेगमेंट में आईसीआईसीआई प्रू एएमसी की एंट्री हो जाएगी। यह इनवेस्टमेंट की नई कैटेगरी है, जिसे सेबी ने इजाजत दी है। एसआईएफ ट्रेडिशनल म्यूचुअल फंड्स स्कीम और पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज (PMS) के बीच की स्कीम है। एसआईएफ फंड हाउसेज को एडवान्स्ड स्ट्रेटेजीज का इस्तेमाल करने की इजाजत देता है। िसमें लॉन्ग-शॉर्ट एंड डेरिवेटिव आधारित एप्रोच शामिल हैं।
मिनिमम इनवेस्टमेंट 10 लाख रुपये
SIF में मिनिमम इनवेस्टमेंट 10 लाख रुपये है। आईसीआईसीआई प्रू एएमसी के सीआईओ एस नरेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो में कहा, "मेरा मानना है कि जो इनवेस्टर्स लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं और ऐसे मार्केट में रिटर्न चाहते हैं जो बहुत सस्ता नहीं है, वे एसआईएफ जैसे ऑप्शन में निवेश के बारे में सोच सकते हैं।"
iSIF Hybrid Long-Short Fund की खास बातें
iSIF Hybrid Long-Short Fund के इक्विटी साइड के फंड मैनेजर्स रजत चंडाक और आयुष शाह होंगे, जबकि डेट साइड के फंड मैनेजर्स मनीष बंथिया और अखिल कक्कड़ होंगे। यह एसआईएफ शेयर, डेट और डेरिवेटिव्स में इनवेस्ट करेगा। इसका मकसद डायनेमिक एसेट ऐलोकेशन, हेजिंग और इक्विटी और डेट इंस्ट्रूमेंट्स में सेलेक्टिव शॉर्ट टर्म निवेश के जरिए रिस्क एडजस्टेड रिटर्न जेनरेट करना होगा।
iSIF Equity Ex-Top 100 Long-Short Fund की खास बातें
iSIF Equity Ex-Top 100 Long-Short Fund को सीआईओ एस नरेन मैनेज करेंगे। वह मनन तिजोरीवाला और दिव्या जैन के साथ मिलकर इस फंड का प्रबंधन करेंगे। इस फंड की स्ट्रेटेजी मार्केट कैपिटलाइजेशन के लिहाज से टॉप 100 कंपनियों से बाहर की कंपनियों में निवेश करने पर होगी। इनमें मुख्य तौर पर मिडकैप और स्मॉलकैप स्टॉक्स सामिल होंगे। यह फंड उतार-चढ़ाव को मैनेज करने के लिए लॉन्ग और शॉर्ट पोजीशंस का इस्तेमाल करेगा। इस फंड को इक्विटी डेरिवेटिव के जरिए 25 फीसदी तक अनहेज्ड शॉर्ट एक्सपोजर लेने की इजाजत होगी।
सिप के जरिए भी किया जा सकता है निवेश
दोनों ही स्ट्रेटेजी ग्रोथ ऑप्शन के साथ डायरेक्ट और रेगुलर प्लान में उपलब्ध होगी। इसमें एकमुश्त और सिप के जरिए निवेश किया जा सकता है। इसके लिए निवेश की न्यूनतम सीमा का पालन करना होगा। एलॉटमेंट की तारीख से एक साल के अंदर रिडेम्प्शन पर 1 फीसदी एग्जिट लोड लागू होगा।