इनकम टैक्स रिटर्न समय पर नहीं फाइल किया तो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपराधिक मामला शुरू कर सकता है

पिछले कुछ सालों में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने ऐसे टैक्सपेयर्स के खिलाफ सख्ती बढ़ा दी है, जो इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं करते हैं। ऐसे लोगों को डिपार्टमेंट पहले नोटिस भेजता है। जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर ऐसे टैक्सपेयर्स के खिलाफ आपराधिक मामले शुरू कर दिए जाते हैं

अपडेटेड May 30, 2023 पर 11:32 AM
इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 139(1) के मुताबिक, ऐसे इंडिविजुअल जिनके लिए ऑडिट जरूरी नहीं है, उनके लिए FY 22-23 का इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई है।

इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करना अनिवार्य है। ITR फाइलिंग की अंतिम तारीख नजदीक आ रही है। इसलिए आपको जरूरी डॉक्युमेंट्स जुटाने की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। इससे आपको तय समय के अंदर इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने में आसानी होगी। पिछले कुछ सालों में आईटीआर फाइलिंग के लिए समय काफी घटा दिया गया है। इसलिए लेट फीस और पेनाल्टी से बचने के लिए समय पर रिटर्न फाइल करना जरूरी है। इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं करने पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपके खिलाफ आपराधिक मामला शुरू कर सकता है।

इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की अंतिम तारीख

इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 139(1) के मुताबिक, ऐसे इंडिविजुअल जिनके लिए ऑडिट जरूरी नहीं है, उनके लिए FY 22-23 का इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई है। ऐसे टैक्सपेयर्स और कंपनियों जिनके लिए सेक्शन 44AB के तहत ऑडिट जरूरी है, उनके लिए इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर, 2023 है। अगर आप इन दोनों तारीखों के अंदर रिटर्न फाइल नहीं कर पाते हैं तो आप 31 दिसंबर, 2023 तक रिटर्न फाइल कर सकते हैं। लेकिन, इनकम टैक्स रिटर्न में किसी तरह के लॉसेज को कैरी फॉरवर्ड का क्लेम नहीं कर सकेंगे। इनमें शेयरों में इनवेस्टमेंट पर हुआ लॉस भी शामिल है।

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अगर आप 31 दिसंबर, 2023 तक भी इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं करते हैं तो आप अतिरिक्त टैक्स चुकाकर अपडेटेड रिटर्न फाइल कर सकते हैं। इसके लिए नियम यह है कि अगर संबंधित एसेसमेंट ईयर खत्म होने के एक साल के अंदर आप रिटर्न फाइल करते हैं तो आपको अतिरिक्त 25 फीसदी टैक्स चुकाना होगा। अगर आप एसेसमेंट ईयर खत्म होने के दो साल के अंदर रिटर्न फाइल करते हैं तो आपको अतिरिक्त 50 फीसदी टैक्स चुकाना होगा।

इनकम टैक्स रिटर्न नहीं फाइल करने पर आपराधिक मामला

इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 276सीसी के तहत अगर कोई टैक्सपेयर जानबूझकर इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं करता है तो उसके खिलाफ इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपराधिक मामला शुरू कर सकता है। ऐसे मामले में टैक्स की चोरी 25 लाख रुपये से ज्यादा होने पर उसे जुर्माना के साथ 6 महीने से लेकर 7 साल तक की जेल की सजा हो सकती है। अन्य मामलों में उसे जुर्माने के साथ 3 महीने से लेकर 2 साल जेल की सजा हो सकती है। अगर टैक्सपेयर पर टैक्स का अमाउंट 10,000 रुपये से कम है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू नहीं की जा सकती।

अगर टैक्सपेयर के खिलाफ रिटर्न फाइल नहीं करने के लिए किसी तरह की कार्रवाई शुरू की जाती है तो वह कंपाउंडिंग के लिए अप्लाई कर सकता है और जेल की सजा काटने के बदले वह अतिरिक्त जुर्माना चुका सकता है। इसके लिए उसे इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 279(2) के तहत इनकम टैक्स अथॉरिटी को अप्लिकेशन देना होगा।

पिछले कुछ सालों में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने ऐसे टैक्सपेयर्स के खिलाफ सख्ती बढ़ा दी है, जिन्होंने रिटर्न फाइल नहीं किया है या टैक्स नहीं चुकाया है। इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की अंतिम तारीख नजदीक आने के साथ सभी टैक्सपेयर्स को अपने डॉक्युमेंट्स जुटाने शुरू कर देने चाहिए और तय समय के अंदर रिटर्न फाइल कर देना चाहिए। ऐसा नहीं करने पर उन्हें बाद में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का नोटिस मिल सकता है।

(अभिषेक अनेजा सीए हैं। वह इनकम टैक्स और पर्सनल फाइनेंस से जुड़े मामलों के एक्सपर्ट हैं)

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