एक लाख का क्रेडिट कार्ड बिल हर महीने मिनिमम पेमेंट करने के एक साल बाद भी ₹78,000 बाकी, यहां समझें पूरा कैलकुलेशन

हर महीने मिनिमम पेमेंट करने के बावजूद बिल ज्यादा कम नहीं होता है। इसकी बड़ी वजह यह है कि मिनिमम पेमेंट का बड़ा हिस्सा फाइनेंस चार्ज और जीएसटी पेमेंट पर खर्च हो जाता है

अपडेटेड Oct 24, 2026 पर 6:26 PM
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एसबीआई कार्ड हर महीने 3.75 फीसदी फाइनेंस चार्ज वसूलती है। यह सालाना 45 फीसदी बैठता है।

क्या आप हमेशा क्रेडिट कार्ड के बिल का मिनिमम अमाउंट करते हैं? अगर हां तो इस कैलकुलेशन को समझना जरूरी है। दरअसल, हर महीने मिनिमम पेमेंट करने के बावजूद बिल ज्यादा कम नहीं होता है। इसकी बड़ी वजह यह है कि मिनिमम पेमेंट का बड़ा हिस्सा फाइनेंस चार्ज और जीएसटी पेमेंट पर खर्च हो जाता है। इस वजह से आपके बिल में सिर्फ मामूली कमी आती है।

मिनिमम बिल पेमेंट आपको सिर्फ लेट पेमेंट फीस से बचाता है

बिलकट के को-फाउंडर, सीईओ और सीटीओ तनीश शर्मा ने कहा, "मिनिमम बिल आपसे यह कहता है कि आप इस महीने आप लेट पेमेंट फीस से बच जाएंगे। यह कभी यह नहीं कहता कि आपका बिल कितना घट जाएगा।" इसका सीधा मतलब है कि मिनिमम पेमेंट सिर्फ एक अपवाद है। अगर 10 बार आप पूरा बिल चुकाते हैं और किसी वजह से आप एक बार नहीं पूरा चुका सकते तो आप मिनिमम पेमेंट कर सकते हैं। लेकिन, 10 बार आप मिनिमम पेमेंट नहीं कर सकते।


क्रेडिट कार्ड कंपनी हर महीने 3.75 फीसदी फाइनेंस चार्ज वसूलती है

मान लीजिए आपके क्रेडिट कार्ड का बिल एक लाख रुपये का है। आप कोई नई खरीदारी नहीं करते हैं और कोई अतिरिक्त फीस भी नहीं चुकाते हैं। बैंक आपके हर महीने 3.75 फीसदी का फाइनेंस चार्ज लेता है। आपके मिनिमम पेमेंट का बड़ा हिस्सा फाइनेंस चार्ज, जीएसटी और बाकी बिल के 2 फीसदी के पेमेंट पर खर्च हो जाता है।

मिनिमम पेमेंट से कुल बिल अमाउंट में हल्की कमी

एसबीआई कार्ड हर महीने 3.75 फीसदी फाइनेंस चार्ज वसूलती है। यह सालाना 45 फीसदी बैठता है। मान लीजिए कोई ग्राहक एक लाख के बिल पर हर महीने सिर्फ मिनिमम बिल चुकाता है तो वह 12 महीने में करीब 69,160 रुपये चुकाता है। इसमें से करीब 47,630 रुपये फाइनेंस चार्ज और जीएसटी में चला जाता है। सिर्फ 21,530 रुपये उसके बिल में से कम होते हैं।

एक लाख के बिल में 69000 चुकाने के बाद भी 78000 रुपये बकाया 

शर्मा बताते हैं कि ग्राहक के एक साल में करीब 69,000 रुपये चुकाने के बाद भी उसका बिल 78,470 रुपये बचा रह जाता है। हालांकि, अलग-अलग बैंकों के फाइनेंस चार्ज में फर्क हो सकता है। लेकिन, एक बात तय है कि सिर्फ मिनिमम पेमेंट करने से बिल का बड़ा हिस्सा बचा रह जाता है। हालांकि, क्रेडिट कार्ड कंपनियां ग्राहक को इस बारे में बताती हैं।

इंटरेस्ट फ्री पीरियड का फायदा भी नहीं मिलता है

मिनिमम बिल चुकाने का दूसरा नुकसान यह है कि इससे ग्राहक को इंटरेस्ट-फ्री पीरियड का फायदा नहीं मिलता है। यह फायदा तभी मिलता है जब आपने पिछला बिल पूरा चुका दिया होता है। जब आप बिल के एक हिस्से का पेमेंट करते हैं और बाकी को कैरी-फॉरवर्ड करते हैं तो यह बेनेफिट खत्म हो जाता है। इसका मतलब है कि क्रेडिट कार्ड से हर नए पेमेंट से आपका आउटस्टैंडिंग बढ़ता जाता है।

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नई खरीदीरी जारी रखने पर बिल चुकाने की क्षमता से ज्यादा होता है

बार-बार मिनिमम पेमेंट करने और कार्ड से नई खरीदारी जारी रखने पर एक समय ऐसा आता है जब आपका बिल आपके चुकाने की क्षमता से बाहर हो जाता है। इससे ग्राहक बड़ी मुसीबत में फंस जाता है। लेकिन, क्रेडिट कार्ड इश्यू करने वाली कंपनी की फाइनेंस चार्ज से कमाई बढ़ती जाती है। इसलिए त्योहारों के मौसम में आपको क्रेडिट कार्ड से शॉपिंग करने में यह ध्यान में रखने की जरूरत है कि बिल आपके चुकाने की क्षमता से बाहर नहीं जाना चाहिए।

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