आपकी इनकम 7 लाख रुपये से ज्यादा है? फिर आपको फाइनेंस एक्ट, 2023 के मार्जिनल रिलीफ के बारे में जान लेना चाहिए

अभी यह तय करने का सही वक्त है कि आपके लिए इनकम टैक्स की नई रीजीम सही रहेगी या पुरानी। इसके लिए आप इनकम टैक्स की वेबसाइट पर उपलब्ध टैक्स कैलकुलेटर का फायदा उठा सकते हैं

अपडेटेड Apr 04, 2023 पर 6:00 PM
फाइनेंस मिनिस्टर ने टैक्स प्रोफेशनल्स और टैक्सपेयर्स से फीडबैक लेने के बाद मार्जिनल रिलीफ शुरू किया है। इसे फाइनेंस एक्ट, 2023 में इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 87ए के तहत पेश किया गया है।

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी, 2023 को पेश यूनियन बजट (Union Budget) में इनकम टैक्स (Income Tax) की नई रीजीम को अट्रैक्टिव बनाने के लिए कई बड़े ऐलान किए थे। इसके बाद 7 लाख रुपये से थोड़ी ज्यादा इनकम वाले कई लोग चिंता में पड़ गए। उन्हें इनकम 7 लाख से थोड़ी ज्यादा होने पर इनकम टैक्स के अलावा 25000 रुपये अतिरिक्त चुकाने होंगे। लेकिन, ऐसे लोगों के लिए अच्छी खबर आई है। फाइनेंस मिनिस्टर ने टैक्स प्रोफेशनल्स और टैक्सपेयर्स से फीडबैक लेने के बाद मार्जिनल रिलीफ (Marginal Relief) शुरू किया है। इसे फाइनेंस एक्ट, 2023 में इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 87ए के तहत पेश किया गया है।

नए संशोधन के मुताबिक, अगर टैक्सपेयर की टैक्सेबल इनकम 7 लाख रुपये के पार है तो उसकी बेसिक टैक्स लायबिलिटी 7 लाख रुपये से ज्यादा की कमाई से अधिक नहीं होगी। हालांकि, टैक्स लायबिलिटी पर 4 फीसदी सेस के मामले में कोई राहत नहीं दी गई है।

आइए जानते हैं कि फाइनेंस एक्ट, 2023 में क्या बदलाव किया गया है और आपकी टैक्स लायबिलिटी पर इसका क्या असर पड़ेगा:


फाइनेंशियल ईयर 2023-24 के लिए टैक्सेबल इनकम

टैक्सेबल इनकम 700000 रुपये टैक्सेबल इनकम 710000 रु. टैक्सेबल इनकम 720000 रु. टैक्सेबल इनकम 730000 रु.
नई टैक्स स्कीम के तहत टैक्स काकैलकुलेशन (बजट 2023 में पेश) 0 (सेक्शन 87ए के तहत 25000 रुपये की राहत)  26000 रु. 27000 रु. 28000 रु.
फाइनेंस एक्ट 2023 में नई टैक्स स्कीम के तहत टैक्स  कैलकुलेशन 0 (सेक्शन 87ए के तहत 25000 रुपये की राहत) 10000 रु. 20000 रु. 28000 रु.
सेस @ 4% 0 400 रु. 800 रु. 1120 रु.
टोटल टैक्स 0 10400 20800 29120
टैक्स के बाद नेट इनकम  700000 रु. 699600 रु. 699200 रु. 700880 रु.

अगर आपकी टैक्सेबल इनकम 7000 रुपये है तो न्यू टैक्स रीजीम में आपको इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को कोई टैक्स नहीं चुकाना पड़ेगा। लेकिन, अगर इनकम 7,00,000 से 7,27,000 के बीच है तो आपकी टैक्स लायबिलिटी इनकम के अतिरिक्त अमाउंट के बराबर होगी और कैलकुलेटेड टैक्स पर 4 फीसदी सेस भी चुकाना होगा।

चूंकि यह फाइनेंशियल ईयर 2023-24 की शुरुआत है तो आपके लिए यह तय करने का सही वक्त है कि आपके लिए ओल्ड टैक्स रीजीम सही होगा या न्यू टैक्स रीजीम। अगर आप कुछ टैक्स सेविंग्स इनवेस्टमेंट कर रहे हैं तो आपको अंतिम फैसला लेने से पहले ओल्ड टैक्स रीजीम में अपनी टैक्स लायबिलिटी को चेक कर लेना ठीक रहेगा। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने अपनी वेबसाइट पर एक टैक्स कैलकुलेटर भी दिया है। उसकी मदद से आप अपनी टैक्स लायबिलिटी कैलकुलेट कर सकते हैं।

(अभिषेक अनेजा सीए हैंं। वह पर्सनल फाइनेंस और इनकम टैक्स से जुड़े मामलों के एक्सपर्ट हैं)

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