आज ₹20000 है मंथली खर्च, तो रिटायरमेंट के बाद कितने पैसों की होगी जरूरत? समझिए पूरा कैलकुलेशन
Retirement planning: अगर आज आपका मासिक खर्च ₹20,000 है, तो रिटायरमेंट के बाद वही लाइफस्टाइल बनाए रखने के लिए कितनी रकम चाहिए होगी? जानिए उम्र, महंगाई और बचत की टाइमिंग से जुड़ा पूरा कैलकुलेशन और एक्सपर्ट सलाह।
रिटायरमेंट की तैयारी में सबसे अहम बात है, समय पर शुरुआत करना।
Retirement planning: रिटायरमेंट की तैयारी में तीन चीजें सबसे अहम हैं- आपकी मौजूदा उम्र, रिटायरमेंट होने की उम्र और महंगाई। आपकी उम्र बताती है कि आपके पास पैसे बचाने और निवेश करने के लिए कितने साल हैं। रिटायरमेंट की उम्र तय करती है कि आपकी बचत कितने साल तक चलनी चाहिए। और महंगाई धीरे-धीरे आपके पैसे की खरीद क्षमता कम कर देती है। इसलिए यह भी एक अहम फैक्टर होती है।
अगर आज आपका मासिक खर्च ₹20,000 है और आप 60 साल की उम्र में रिटायर होना चाहते हैं, तो महंगाई के असर से भविष्य में आपको कितना पैसा चाहिए, इसे हम अलग-अलग उम्र के उदाहरण से समझेंगे।
उम्र 30 साल: लंबा समय, ज्यादा असर
अगर आप 30 साल के हैं और 60 साल की उम्र में रिटायर होना चाहता है, तो मतलब आपके पास बचत करने के लिए 30 साल हैं। 6% महंगाई दर के हिसाब से, भविष्य में उसका मासिक खर्च लगभग ₹1,14,860 होगा। इसका मतलब है कि आज के ₹20,000 खर्च को बनाए रखने के लिए आपको रिटायरमेंट की शुरुआत में ही हर महीने लगभग ₹1.15 लाख की जरूरत होगी।
उम्र 40 साल: समय थोड़ा कम
40 साल का व्यक्ति 60 साल में रिटायर होगा, उसके पास बचत करने के लिए सिर्फ 20 साल हैं। महंगाई को ध्यान में रखते हुए, भविष्य में उसका मासिक खर्च लगभग ₹64,140 होगा। यानी आज के ₹20,000 खर्च को बनाए रखने के लिए उसे 60 साल की उम्र में लगभग ₹64,000 हर महीने चाहिए होंगे।
उम्र 50 साल: समय बहुत कम
50 साल का व्यक्ति 60 साल में रिटायर होगा, तो उसके पास केवल 10 साल बचत का समय है। लेकिन, यहां महंगाई वाला फैक्टर उसके हक में रहेगा। महंगाई को ध्यान में रखते हुए, उसका भविष्य का मासिक खर्च लगभग ₹35,820 होगा। यानी आज के ₹20,000 खर्च को बनाए रखने के लिए उसे रिटायरमेंट में लगभग ₹36,000 प्रति माह चाहिए।
महंगाई में छोटे बदलाव का असर
महंगाई में सिर्फ 1-2% की बढ़ोतरी भी भविष्य के खर्च को काफी बढ़ा सकती है। उदाहरण के तौर पर, अगर कोई व्यक्ति 30 साल का है, तो 7% महंगाई पर उसे ₹1,52,000 महीने की जरूरत होगी। वहीं, 8% महंगाई पर यह खर्च ₹2,01,000 तक पहुंच जाएगा।
40 साल के व्यक्ति के लिए यही आंकड़ा 7% पर ₹77,400 और 8% पर ₹93,200 होगा। 50 साल की उम्र में यह खर्च 7% पर ₹39,400 और 8% पर ₹43,200 तक बढ़ जाएगा। इससे साफ पता चलता है कि जितनी जल्दी आप बचत और निवेश शुरू करेंगे, उतना कम बोझ आगे पड़ेगा और लंबी अवधि में रिटर्न का फायदा मिलेगा।
स्वास्थ्य और अन्य जरूरी खर्च
रिटायरमेंट की प्लानिंग करते समय सिर्फ खाने-पीने या रोजमर्रा के खर्च को ध्यान में रखना काफी नहीं है। उम्र बढ़ने के साथ सबसे बड़ा खर्च अक्सर स्वास्थ्य से जुड़ा होता है। जैसे कि डॉक्टर की फीस, दवाइयां, अस्पताल में भर्ती होने का खर्च या मेडिकल इंश्योरेंस का प्रीमियम।
ये सभी खर्च हर साल बढ़ते जाते हैं और इन्हें टालना या कम करना लगभग नामुमकिन होता है। इसलिए रिटायरमेंट की तैयारी में मेडिकल खर्च और हेल्थ इंश्योरेंस को हमेशा प्राथमिकता देनी चाहिए, ताकि भविष्य में इलाज के लिए सेविंग पर दबाव न पड़े।
कैसे बनाएं बचत-निवेश की रणनीति
रिटायरमेंट की तैयारी में सबसे अहम बात है, समय पर शुरुआत करना। अगर आप 30 या 40 की उम्र में ही बचत और निवेश शुरू कर देते हैं, तो बाद में आपको बहुत बड़ी रकम एक साथ नहीं जोड़नी पड़ेगी। शुरुआती सालों में आपके पास समय का फायदा होता है, इसलिए थोड़ा ज्यादा रिस्क लेकर मिड-कैप या स्मॉल-कैप फंड्स में निवेश किया जा सकता है, जो लंबे समय में बेहतर रिटर्न दे सकते हैं।
फाइनेंशियल एक्सपर्ट के मुताबिक, अपने निवेश प्लान की हर साल समीक्षा करना जरूरी है, ताकि महंगाई और बदलती आर्थिक परिस्थितियों के हिसाब से आप अपने पोर्टफोलियो को एडजस्ट कर सकें। अगर खर्च बढ़ रहे हों या बाजार में उतार-चढ़ाव हो, तो उसी के मुताबिक बदलाव करना समझदारी है।
इन बातों का भी रखें ध्यान
जितनी जल्दी हो सके रिटायरमेंट की बचत शुरू करें।
महंगाई के असर को ध्यान में रखें; छोटे बदलाव भी भविष्य के खर्च को बढ़ा सकते हैं।
स्वास्थ्य बीमा और मेडिकल खर्च को रिटायरमेंट प्लान में शामिल करें।
लंबी अवधि के लिए निवेश करें और समय-समय पर समीक्षा करें।
जोखिम लेने में धीरे-धीरे बढ़ोतरी करें। मिड-कैप और स्मॉल-कैप फंड्स मदद कर सकते हैं।
बचत और निवेश को समय के साथ बढ़ाएं ताकि भविष्य में आरामदायक जीवन सुनिश्चित हो।
भविष्य के खर्च का फॉर्मूला
भविष्य के खर्च का अनुमान लगाने के लिए एक आसान तरीका है। इसके लिए आप यह फॉर्मूला इस्तेमाल कर सकते हैं, भविष्य का खर्च = मौजूदा खर्च × (1 + महंगाई दर)^साल की संख्या।
यहां 'साल की संख्या' का मतलब है आपकी रिटायरमेंट उम्र में से मौजूदा उम्र घटाने पर मिलने वाला अंतर। वहीं, महंगाई दर (जैसे 6%) उस वार्षिक बढ़ोतरी को दिखाती है, जो समय के साथ खर्चों में होती है। इस फॉर्मूले से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि आज के खर्चे रिटायरमेंट के समय कितने बढ़ सकते हैं।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।