पर्सनल लोन की प्रीपेमेंट पर क्रेडिट स्कोर का असर, जानिए फायदे और सावधानियां

Personal loan: पर्सनल लोन की प्रीपेमेंट से ब्याज बचत और कर्ज से जल्दी मुक्ति मिलती है। क्रेडिट स्कोर पर आमतौर पर नकारात्मक असर नहीं पड़ता, बशर्ते EMI समय पर चुकाई गई हो।

अपडेटेड Dec 21, 2025 पर 10:43 PM
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पर्सनल लोन आज के समय में सबसे आसान और तेज विकल्प माना जाता है जब किसी व्यक्ति को अचानक पैसों की जरूरत पड़ती है। यह अनसिक्योर्ड लोन होता है, यानी इसमें किसी गारंटी की आवश्यकता नहीं होती। लेकिन इसकी ब्याज दरें काफी ऊंची होती हैं। ऐसे में बहुत से लोग कोशिश करते हैं कि जैसे ही उनके पास अतिरिक्त पैसे आएं, वे लोन को समय से पहले चुका दें। इसे ही प्रीपेमेंट या प्री-क्लोजर कहा जाता है। सवाल यह है कि क्या ऐसा करने से क्रेडिट स्कोर पर नकारात्मक असर पड़ता है।

प्रीपेमेंट से क्या होता है?

- जब कोई व्यक्ति लोन की तय अवधि से पहले ही पूरा भुगतान कर देता है, तो उसे ब्याज की बड़ी राशि बच जाती है।

- उदाहरण के तौर पर, अगर किसी ने पांच साल का पर्सनल लोन लिया है और वह दो साल में ही चुका देता है, तो बाकी तीन साल का ब्याज उसे नहीं देना पड़ता।

- इससे उसकी वित्तीय स्थिति मजबूत होती है और कर्ज का बोझ जल्दी खत्म हो जाता है।


क्रेडिट स्कोर पर असर

- कई लोग मानते हैं कि लोन जल्दी चुकाने से क्रेडिट स्कोर गिर सकता है। दरअसल, ऐसा हमेशा नहीं होता।

- क्रेडिट स्कोर इस बात पर निर्भर करता है कि आपने समय पर EMI चुकाई या नहीं। अगर आपने लगातार समय पर भुगतान किया है और फिर लोन प्री-क्लोज कर दिया, तो यह आपके स्कोर पर नकारात्मक असर नहीं डालता।

- हां, एक स्थिति में स्कोर थोड़ा प्रभावित हो सकता है: जब आपके पास बहुत कम क्रेडिट हिस्ट्री होती है और आप लोन जल्दी बंद कर देते हैं। इससे आपके प्रोफाइल में एक्टिव क्रेडिट अकाउंट्स कम हो जाते हैं, जो स्कोर को अस्थायी रूप से घटा सकते हैं।

फायदे और सावधानियां

- फायदे: ब्याज की बचत, कर्ज से जल्दी मुक्ति, वित्तीय स्वतंत्रता।

- सावधानियां:

- बैंक या NBFC प्रीपेमेंट पर कुछ चार्ज लगा सकते हैं।

- लोन एग्रीमेंट की शर्तें ध्यान से पढ़नी चाहिए।

- अगर आपके पास एक से अधिक लोन हैं, तो पहले उस लोन को प्रीपे करना चाहिए जिसकी ब्याज दर सबसे अधिक है।

पर्सनल लोन की प्रीपेमेंट करना एक समझदारी भरा कदम है, खासकर तब जब आपके पास अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध हो। यह न केवल ब्याज बचाता है बल्कि आपको मानसिक शांति भी देता है। *क्रेडिट स्कोर पर इसका असर सामान्यतः सकारात्मक होता है, बशर्ते आपने EMI समय पर चुकाई हो। हालांकि, जिनकी क्रेडिट हिस्ट्री छोटी है, उन्हें यह ध्यान रखना चाहिए कि लोन जल्दी बंद करने से स्कोर में हल्की गिरावट आ सकती है।

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