Income Tax: विदेश से मेरी बेटी हर तिमाही पैसे भेजती है, क्या इस पर मुझे टैक्स चुकाना होगा?

इंडिया में गिफ्ट पर टैक्स के अलग नियम है। हालांकि, कुछ खास रिश्तेदारों से मिला गिफ्ट टैक्स के दायरे से बाहर होता है। 50,000 रुपये तक के गिफ्ट को टैक्स से छूट हासिल है। किसी एक वित्त वर्ष में सभी गिफ्ट्स की कुल वैल्यू अगर 50,000 रुपये से ज्यादा है तो पूरे अमाउंट पर टैक्स लगता है

अपडेटेड Aug 14, 2025 पर 10:01 AM
इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 139 के तहत अगर डिडक्शंस और एग्जेम्प्शंस से पहले किसी व्यक्ति की इनकम बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट से ज्यादा है तो उसे इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना होगा।

कई ऐसे लोग हैं, जिनके बच्चे विदेश में सेटल हो गए हैं। वे हर महीने मातापिता को पैसे भेजते हैं। कई सीनियर सिटीजंस का खर्च इसी पैसे से चलता है। दिनेश वर्मा एक सीनियर सिटीजन हैं। उनकी पत्नी होममेकर हैं। अमेरिका में रहने वाली उनकी बेटी हर तिमाही उनकी पत्नी के बैंक अकाउंट में 1,25,000 रुपये भेजती हैं। वर्मा की पत्नी की सालाना इनकम 1,00,000 रुपये है। वर्मा का सवाल है कि क्या बेटी जो पैसे उन्हें भेजती है, उस पर उन्हें टैक्स चुकाना होगा? मनीकंट्रोल ने इस सवाल का जवाब जानने के लिए टैक्स एक्सपर्ट बलवंत जैन से बातचीत की।

गिफ्ट पर इनकम टैक्स के नियम

जैन ने कहा कि डोनर-बेस्ड गिफ्ट टैक्स खत्म होने के बाद अब उस व्यक्ति को गिफ्ट पर टैक्स चुकाना होता है, जिसे वह मिलता है। किसी एक वित्त वर्ष में सभी गिफ्ट्स की कुल वैल्यू अगर 50,000 रुपये से ज्यादा है तो पूरे अमाउंट पर टैक्स लगता है। इसे 'इनकम फ्रॉम अदर सोर्सेज' माना जाता है। फिर इस पर स्लैब के हिसाब से टैक्स लगता है। कुछ खास रिश्तेदारों से मिला गिफ्ट टैक्स के दायरे में नहीं आता है। सेक्शन 56(2)(X) के तहत खास रिश्तेदारों में बच्चे भी शामिल हैं।


बेटा-बेटी से मिले गिफ्ट पर टैक्स नहीं

उन्होंने कहा कि चूंकि दिनेश वर्मा की पत्नी के अकाउंट में पैसा बेटी भेजती है, जिससे इसे उनकी (पत्नी) की इनकम नहीं मानी जाएगी और इस पर टैक्स नहीं लगेगा। चूंकि यह पैसा टैक्स के दायरे में नहीं आता है इसलिए वर्माजी की पत्नी को इसे इनकम टैक्स रिटर्न में डिक्लेयर करने की जरूरत नहीं है। दिनेश वर्मा की बेटी अगर इंडिया में इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करती है तो उसे इसे डिसक्लोज करने की जरूरत नहीं है। इसका मतलब है कि इस पैसे को न तो बेटी को और न ही उसकी मां को अपने ITR में दिखाने की जरूरत है।

ITR फाइल करने की शर्त

इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 139 के तहत अगर डिडक्शंस और एग्जेम्प्शंस से पहले किसी व्यक्ति की इनकम बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट से ज्यादा है तो उसे इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना होगा। इनकम टैक्स की ओल्ड रीजीम में 60 से कम उम्र के व्यक्ति के लिए बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट 2.5 लाख रुपये है। 60 से 80 साल के व्यक्ति (सीनियर सिटीजन) के लिए 3 लाख रुपये है। 80 साल से ज्यादा उम्र के व्यक्ति (सुपर सीनियर सिटीजन) के लिए बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट 5 लाख रुपये है। इनकम टैक्स की नई रीजीम में बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट 3 लाख रुपये है।

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अमेरिका में गिफ्ट पर टैक्स के नियम

अगर अमेरिका की बात करें तो एक साल में एक व्यक्ति को 19,000 डॉलर तक का गिफ्ट अमेरिकी गिफ्ट टैक्स के दायरे से बाहर होता है। दिनेश वर्मा की बेटी जितने पैसे भेजती है उसके इस लिमिट से ज्यादा होने की उम्मीद नहीं है। लेकिन, इस बारे में अमेरिका में टैक्स एक्सपर्ट की राय ली जा सकती है।

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