ITR Filing 2026: रिटर्न भरने से पहले तैयार रखें ये जरूरी डॉक्यूमेंट्स, एक गलती पड़ सकती है भारी

Income Tax Return: इनकम टैक्स रिटर्न यानी ITR फाइल करने का सीजन शुरू हो चुका है और लाखों टैक्सपेयर्स अपने डॉक्यूमेंट जुटाने में लगे हैं। लेकिन हर साल कई लोग जल्दबाजी या अधूरी जानकारी की वजह से गलत ITR फाइल कर देते हैं, जिसकी वजह से बाद में नोटिस, रिफंड में देरी का सामना करना पड़ता है..

अपडेटेड May 26, 2026 पर 12:49 PM
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अगर आप भी असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए ITR भरने की तैयारी कर रहे हैं, तो पहले जरूरी डॉक्यूमेंट्स की पूरी लिस्ट तैयार कर लें।

Income Tax Return: इनकम टैक्स रिटर्न यानी ITR फाइल करने का सीजन शुरू हो चुका है और लाखों टैक्सपेयर्स अपने डॉक्यूमेंट जुटाने में लगे हैं। लेकिन हर साल कई लोग जल्दबाजी या अधूरी जानकारी की वजह से गलत ITR फाइल कर देते हैं, जिसकी वजह से बाद में नोटिस, रिफंड में देरी या दूसरी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में अगर आप भी असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए ITR भरने की तैयारी कर रहे हैं, तो पहले जरूरी डॉक्यूमेंट्स की पूरी लिस्ट तैयार कर लें। सही डॉक्यूमेंट पहले से तैयार होने पर ITR फाइलिंग आसान हो जाती है और गलती की संभावना काफी कम हो जाती है। चाहे आप नौकरीपेशा हों, बिजनेस करते हों, फ्रीलांसर हों, ट्रेडिंग करते हों या पेंशन पाते हों, हर टैक्सपेयर के लिए कुछ जरूरी डॉक्यूमेंट रखना बेहद अहम है।

पैन और आधार सबसे जरूरी

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के मुताबिक पैन कार्ड ITR फाइल करने का सबसे जरूरी डॉक्यूमेंट है। साथ ही आधार का पैन से लिंक होना भी जरूरी है। अगर दोनों लिंक नहीं हैं, तो रिटर्न फाइल करने में परेशानी आ सकती है। इसके अलावा नाम, जन्मतिथि और मोबाइल नंबर जैसी जानकारी दोनों रिकॉर्ड्स में एक जैसी होनी चाहिए।


नौकरीपेशा लोग जरूर लें Form 16

सैलरी पाने वाले कर्मचारियों को अपने employer से Form 16 लेना चाहिए। इसमें पूरे साल की सैलरी और TDS की जानकारी होती है।

Form 16 के Part-A में employer और employee की डिटेल्स होती हैं, जबकि Part-B में सैलरी ब्रेकअप, डिडक्शन और छूट की जानकारी दी जाती है। अगर किसी कर्मचारी ने साल के दौरान नौकरी बदली है, तो उसे सभी कंपनियों से Form 16 लेना जरूरी होगा।

सैलरी स्लिप्स भी रखें संभालकर

मासिक सैलरी स्लिप्स भी काफी काम की होती हैं। इनसे सैलरी, PF कॉन्ट्रीब्यूशन, अलाउंस, बोनस और रीइंबर्समेंट जैसी जानकारी चेक की जा सकती है।

Form 26AS और AIS जरूर जांचें

ITR भरने से पहले Form 26AS और Annual Information Statement यानी AIS को ध्यान से देखना जरूरी है।

इन दस्तावेजों में TDS, इंटरेस्ट इनकम, डिविडेंड, शेयर और म्यूचुअल फंड ट्रांजेक्शन जैसी जानकारी होती है। अगर आपकी इनकम और AIS में मिसमैच हुआ, तो स्क्रूटनी या नोटिस आने की संभावना बढ़ सकती है।

बैंक स्टेटमेंट और इंटरेस्ट सर्टिफिकेट रखें तैयार

सभी एक्टिव बैंक अकाउंट्स के स्टेटमेंट्स अपने पास रखें। इनसे सेविंग अकाउंट इंटरेस्ट, फिक्सड डिपॉजिट इंटरेस्ट, किराये की इनकम और दूसरे ट्रांजेक्शन की जानकारी मिलती है। बैंक और पोस्ट ऑफिस इंटरेस्ट सर्टिफिकेट भी जारी करते हैं, जिनकी मदद से टैक्सेबल इंटरेस्ट इनकम सही तरीके से दिखाई जा सकती है।

शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए जरूरी

अगर आपने शेयर, ETFs, म्यूचुअल फंड्स या प्रॉपर्टी में निवेश किया है, तो कैपिटल गेन स्टेटमेंट जरूर रखें। इससे शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स की सही कैलकुलेशन करने में मदद मिलती है। इंट्राडे ट्रेडिंग और डेरिवेटिव्स करने वालों को प्रॉफिट लॉस स्टेटमेंट भी तैयार रखना चाहिए।

होम लोन वालों के लिए अहम डॉक्यूमेंट

होम लोन पर टैक्स डिडक्शन लेने वालों को लेंडर से इंटरेस्ट सर्टिफिकेट लेना जरूरी है। इससे सेक्शन 24(b) और सेक्शन 80C के तहत डिडक्शन क्लेम किया जा सकता है।

टैक्स सेविंग इन्वेस्टमेंट का प्रूफ रखें

अगर आपने PPF, ELSS, NPS, सुकन्या योजना, टैक्स सेविंग एफडी या लाइफ इंश्योरेंस में निवेश किया है, तो उसके डॉक्यूमेंट्स तैयार रखें। इसके अलावा बच्चों की ट्यूशन फीस और दूसरे इनवेस्टमेंट के प्रूफ रखें। हेल्थ इंश्योरेंस और HRA डॉक्यूमेंट्स न भूलें।

हेल्थ इंश्योरेंस और HRA डॉक्यूमेंट्स न भूलें

सेक्शन 80D के तहत डिडक्शन लेने के लिए हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम रीसिप्ट जरूरी होती हैं। वहीं HRA क्लेम करने वाले कर्मचारियों को रेंट रीसिप्ट, रेंट एग्रीमेंट और जरूरत पड़ने पर मकान मालिक का पैन भी रखना होगा।

बिजनेस और फ्रीलांसर्स के लिए क्या जरूरी?

फ्रीलांसर, कंसल्टेंट और बिजनेस ओनर्स को प्रॉफिट-लॉस स्टेटमेंट, जीएसटी रिटर्न, बिल, चालान, खर्चों का रिकॉर्ड और ऑडिट रिपोर्ट जैसे डॉक्यूमेंट तैयार रखने चाहिए।

पिछले साल का ITR भी आएगा काम

पिछले वर्ष का ITR कॉपी भी संभालकर रखें। इससे पुराने डिस्क्लोजर वैरिफाई करने और लॉस कैरी फॉरवर्ड करने में में मदद मिलती है। नौकरीपेशा लोगों को Form 16 मिलने के बाद ही ITR फाइल करना चाहिए, ताकि बाद में गलती सुधारने की जरूरत न पड़े।

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