कई बार कंपनियां कामकाज के सिलसिले में एंप्लॉयी को विदेश भेजती हैं। वे एंप्लॉयीज को इंडिया में सैलरी के अलावा कुछ लिविंग अलाउन्स देती हैं। सवाल है कि क्या इस लिविंग अलाउन्स को इंडिया में अपनी सैलरी का हिस्सा माना जाएगा और उस पर टैक्स लगेगा? इनकम टैक्स अपेलेट ट्राइब्यूनल (Income Tax Appellate Tribunal) की दिल्ली ब्रांच ने हाल में एक ऑर्डर दिया है, जो बहुत अहम है। इसमें कहा गया है कि एक एनआरआई (NRI) जो ऑस्ट्रिया में काम कर रहा है और जिसे सैलरी/लिविंग अलाउन्स इंडिया में अपने एंप्लॉयर से मिलता है, उसे इंडिया में इस इनकम पर टैक्स नहीं चुकाना होगा। अब सवाल है कि अगर कोई इंडियन रेजिडेंट ऑफिस के काम से विदेश जाता है और उसे लिविंग अलाउन्स मिलता है तो क्या उसके लिए भी यही नियम लागू होगा?
