Income Tax Refund Delay: रिफंड मिलने में देरी से परेशान टैक्सपेयर्स, जानिए असली वजह और क्या करें

Income Tax Refund Delay: वित्त वर्ष 2024–25 असेसमेंट ईयर 2025–26 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने वाले कई टैक्सपेयर्स इन दिनों इनकम टैक्स रिफंड में देरी को लेकर परेशान हैं। सोशल मीडिया और टैक्स फोरम्स पर लोग सवाल कर रहे हैं कि रिफंड अभी तक क्यों नहीं आया

अपडेटेड Jan 08, 2026 पर 5:51 PM
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Income Tax Refund Delay: वित्त वर्ष 2024–25 असेसमेंट ईयर 2025–26 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने वाले कई टैक्सपेयर्स इन दिनों इनकम टैक्स रिफंड में देरी को लेकर परेशान हैं।

Income Tax Refund Delay: वित्त वर्ष 2024–25 असेसमेंट ईयर 2025–26 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने वाले कई टैक्सपेयर्स इन दिनों इनकम टैक्स रिफंड में देरी को लेकर परेशान हैं। सोशल मीडिया और टैक्स फोरम्स पर लोग सवाल कर रहे हैं कि रिफंड अभी तक क्यों नहीं आया। हालांकि, सच्चाई यह है कि इनकम टैक्स विभाग अभी भी तय टाइमलाइन के अंदर काम कर रहा है। इनकम टैक्स कानून की धारा 143(1) के तहत विभाग को FY 2024–25 के लिए दाखिल रिटर्न 31 दिसंबर 2026 तक प्रोसेस करने का अधिकार है।

रिफंड में देरी क्यों हो रही है?

एक्सपर्ट के मुताबिक जिन रिटर्न्स में ज्यादा रिफंड क्लेम, कैपिटल गेन या कई तरह की डिडक्शन शामिल होती हैं। उन्हें अतिरिक्त ऑटोमैटिक जांच से गुजरना पड़ता है। ऐसे मामलों में प्रोसेसिंग में समय लगता है। इसके अलावा, इनकम टैक्स विभाग को धारा 245(2) के तहत यह अधिकार है कि वह पुराने टैक्स बकाये के खिलाफ रिफंड को एडजस्ट कर सके। अगर आपके नाम पर कोई पुराना टैक्स डिमांड दिख रहा है, तो रिफंड अस्थायी रूप से रोका जा सकता है।


टैक्सपेयर्स की छोटी गलतियां भी वजह

कई बार देरी की वजह सिस्टम नहीं, बल्कि खुद टैक्सपेयर्स की गलतियां होती हैं। टैक्स एक्सपर्ट अभिषेक सोनी के अनुसार कई सैलरीड लोग ITR में 80C, 80D या HRA जैसी छूट क्लेम कर देते हैं, जो उन्होंने पहले अपने एम्प्लॉयर को नहीं बताई होती। ऐसे मामलों में इनकम टैक्स विभाग क्लैरिफिकेशन मांगता है और जवाब मिलने तक रिफंड रोक दिया जाता है।

NUDGE कैंपेन का असर

दिसंबर 2025 में CBDT ने NUDGE कैंपेन शुरू किया। इसके तहत जिन रिटर्न्स में गड़बड़ी या अंतर पाया जाता है, उन्हें SMS और ईमेल के जरिए अलर्ट किया जाता है। टैक्सपेयर्स को कहा जाता है कि वे या तो बदलाव स्वीकार करें या रिवाइज अपडेटेड रिटर्न दाखिल करें। जब तक टैक्सपेयर जवाब नहीं देता, रिफंड होल्ड पर रहता है।

विदेशी इनकम या एसेट का मामला

अगर किसी टैक्सपेयर की विदेशी आय या विदेशी संपत्ति (UFI/UFA) से जुड़ी जानकारी अधूरी है, तो भी रिफंड में देरी हो सकती है। इसमें विदेशी बैंक अकाउंट, शेयर, ESOP, प्रॉपर्टी या इंश्योरेंस जैसी चीजें शामिल हैं, जिन्हें सही तरीके से घोषित करना जरूरी होता है।

रिफंड स्टेटस कैसे चेक करें?

incometax.gov.in वेबसाइट पर जाएं।

PAN और पासवर्ड से लॉग इन करें।

e-File - Income Tax Returns - View Filed Returns पर क्लिक करें।

यहां आपके रिटर्न और रिफंड का पूरा स्टेटस दिख जाएगा।

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