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Income Tax Refund: जानें कब आएगा इनकम टैक्स रिफंड, इस वजह से होती है टैक्स रिफंड में देरी

टैक्सपेयर्स पर जितना इनकम टैक्स बनता है, यदि टैक्सपेयर ने उससे अधिक इनकम टैक्स जमा किया है, ऐसे टैक्सपेयर्स को इनकम टैक्स रिफंड देती है

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 16, 2020 पर 8:37 PM
Income Tax Refund: जानें कब आएगा इनकम टैक्स रिफंड, इस वजह से होती है टैक्स रिफंड में देरी

टैक्सपेयर्स (Taxpayers) पर जितना इनकम टैक्स (Income Tax) बनता है, यदि टैक्सपेयर ने उससे अधिक इनकम टैक्स जमा किया है, या उनका TDS ज्यादा कटा है तो इनकम टैक्स विभाग (Income Tax department) ऐसे टैक्सपेयर्स को इनकम टैक्स रिफंड (Income Tax Refund) देती है। इस साल इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तिथि 31, दिसंबर 2020 है। जैसे-जैसे यह तिथि नजदीक आती जा रही है, वैसे-वैसे ITR फाइल करने वाले लोगों के मन में यह जिज्ञासा उठ रही है कि उनका इनकम टैक्स रिफंड कब आएगा।

आमतौर पर टैक्स रिफंड ITR फाइल करने के कुछ दिनों के अंदर ही आ जाती है। वहीं, ITR असेसमेंट में कोई गड़बड़ी होने या गलत ITR फाइल होने पर टैक्स रिफंड में देरी होती है। यदि आपने वर्ष 2020-21 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (Income Tax Return) दाखिल किया है और अभी तक इनकम टैक्स रिफंड नहीं मिला है तो घबराएं नहीं। कोविड-19 महामारी के कारण असेसमेंट ईयर 2020-21 के लिए इनकम टैक्स रिफंड (Income Tax Refund) मिलने में इस साल देरी हो सकती है। इसके अलावा ITR की तेजी से प्रोसेसिंग के लिए सॉफ्टवेयर को अपग्रेड किया जा रहा है। इस टेक्निकल अपग्रेड के कारण इनकम टैक्स रिफंड में देरी हो सकती है।

टैक्स रिफंड के लिए कोई निश्चित डेडलाइन नहीं

इनकम टैक्स रिफंड के लिए कोई निश्चित डेडलाइन नहीं होती है। टैक्स रिफंड कुछ दिनों में हो सकता है, वहीं कुछ मामलों में इसमें महीनों लग जाते हैं। यह केस-टू-केस डिपेंड करता है कि इनकम टैक्स रिफंड कब आएगा। इनकम टैक्स विभाग ने बताया कि असेसमेंट ईयर 2020-21 का इनकम टैक्स रिटर्न CPC 2.0 के जरिए प्रोसेस किया जाएगा। इस वजह से रिफंड में देरी हो रही है। हालांकि, इनकम टैक्स विभाग ने नए CPC 2.0 प्लेटफॉर्म पर माइग्रेशन और असेसमेंट ईयर 2020-21 के इनकम टैक्स रिटर्न की प्रक्रिया शुरू होने की कोई टाइमलाइन नहीं बताई।

इन वजहों से होती है टैक्स रिफंड में देरी

ITR में अधूरी होने और गलत जानकारी देने पर टैक्स रिफंड में देरी हो सकती है। इसके अलावा बैंक अकाउंट, IFSC कोड गलत होने पर भी रिफंड में देरी हो सकती है। जरूरी दस्तावेज संलग्न नहीं होने पर भी रिफंड में देरी होती है। रिफंड में देरी इनकम टैक्स विभाग की तरफ से भी हो सकती है। ITR प्रॉसेस होने में देरी के कारण और बैंक के कारण भी टैक्स रिफंड में देरी होने की संभावना रहती है। आपको बता दें कि ITR फाइल करने की अंतिम तिथि के बाद अगर टैक्स रिफंड में देरी होती है तो टैक्सपेयर्स को 6% की दर से इंटरेस्ट मिलता है।

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