देश के सबसे बड़े पब्लिक सेक्टर बैंक SBI ने स्वतंत्रता दिवस पर ग्राहकों को झटका दिया है। SBI नेमार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स आधारित लेंडिंग रेट (MCLR) यानी लोन की दरें बढ़ा दी हैं। ये बढ़ी हुई नई दरें आज से लागू हो चुकी हैं। SBI के इस कदम से सभी तरह के लोन की EMI महंगी हो जाएगी। लंबे समय के लोन MCLR से लिंक होते हैं। इसमें कार लोन, होम लोन आदि शामिल है।
SBI ने ओवरनाइट से तीन महीने की SBI MCLR दर 7.15% से बढ़ाकर 7.35% कर दी गई है। एसबीआई छह महीने का एमसीएलआर 7.45% से 7.65%, एक साल से 7.7%, 7.5% से दो साल, 7.7% से 7.9% और तीन साल से 7.8 फीसदी से बढ़कर 8% हो गया है। पिछले महीने, एसबीआई ने अलग-अलग टाइम पीरियड वाले लोन के लिए MCLR में 10 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की थी।
MCLR में बढ़ोतरी का मतलब है कि सभी तरह के लोन जैसे होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन जैसे सभी तरह के लोन महंगे हो जाएंगे। यानी, आपके होम लोन की हर महीने की EMI महंगी हो जाएगी। बैंक की वेबसाइट के मुताबिक 8 अगस्त से एक साल का MCLR बढ़कर 7.7 फीसदी हो गया है।
इन बैंक ने महंगा किया लोन
आईसीआईसीआई बैंक ने एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट (I-EBLR) को रिजर्व बैंक के बढ़ाए हुए रेपो रेट के अनुसार कर दिया है। बैंक ने आई-ईबीएलआर 9.10 फीसदी सालाना कर दिया है। ये नई दरें 5 अगस्त 2022 से लागू हो चुकी हैं। पब्लिक सेक्टर बैंक पीएनबी ने RLLR को 7.40 फीसदी से बढ़ाकर 7.90 फीसदी कर दिया है। ये नई दरें 8 अगस्त से लागू होंगी। बैंक ने कहा कि RBI के रेट बढ़ाने के बाद बैंक ने लोन को महंगा किया है। HDFC भी लोन महंगा कर चुका है।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने रिटेल महंगाई पर काबू पाने क लिए रेपो रेट में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी। RBI ने कल रेपो रेट में 0.50 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी कर दी है। नई बढ़ोतरी के बाद रेपो रेट बढ़कर 5.4 फीसदी हो गई है। आरबीआई के रेपो रेट बढ़ाने के बाद बैंकों न लोन महंगा करना शुरू कर दिया है।