India Gold Demand Q3 2026 Report: भारत में सोने की मांग में भारी गिरावट दर्ज की गई है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई-सितंबर 2026 की तीसरी तिमाही (Q3) में भारत की सोने की मांग सालाना आधार पर 29% घटकर 162.5 टन रह गई है, जो पिछले साल की समान अवधि में 229.8 टन थी। इसके पीछे की वजह रिकॉर्ड हाई पर पहुंची कीमतें, उच्च इंपोर्ट ड्यूटी और उपभोक्ताओं के बदलते खरीद पैटर्न को माना जा रहा है।
वैसे सोने की कीमतों में आए जबरदस्त उछाल के कारण वैल्यू के लिहाज से मांग 3% बढ़कर ₹2,41,900 करोड़ हो गई, जो पिछले साल Q3 में ₹2,35,090 करोड़ थी। इस तिमाही के दौरान सोने की औसत कीमत ₹1,48,891 प्रति 10 ग्राम रही, जबकि एक साल पहले यह ₹1,02,287 थी।
भारत में क्यों घट रही है सोने की मांग?
भारतीय सोने की खपत का मुख्य हिस्सा मानी जाने वाली ज्वैलरी डिमांड वॉल्यूम के आधार पर 20% घटकर 99.9 टन रह गई है जो पिछले साल 125 टन थी। वैसे वैल्यू के हिसाब से यह 16% बढ़कर ₹1,48,700 करोड़ पर पहुंच गई। WGC इंडिया के रीजनल सीईओ सचिन जैन के अनुसार, ऊंची कीमतों ने ग्राहकों को पुरानी ज्वैलरी एक्सचेंज करने और हल्की ज्वैलरी खरीदने पर मजबूर किया है।
सिक्कों और बार की मांग में 40% की बड़ी गिरावट आई और यह 91.6 टन से घटकर 55 टन पर आ गई। वहीं, गोल्ड ETF मांग 50% घटकर 5.3 टन रह गई।
इन सब के साथ भारतीय रिजर्व बैंक ने इस तिमाही में सोने की कोई खरीदारी नहीं की। वहीं, गोल्ड रिसाइक्लिंग 12% घटकर 19.2 टन रही और भारत का शुद्ध सोना आयात 46% घटकर 114.1 टन रह गया।
एक और कारक ये भी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक अपील भी है जिसमें उन्होंने बहुत जरूरी होने पर ही सोना खरीदने की बात कही थी। उनकी इस अपील ने भी उपभोक्ताओं के व्यवहार को प्रभावित किया है।
2026 के लिए कैसा है भारत का आउटलुक?
WGC का अनुमान है कि साल 2026 में भारत की कुल सोने की मांग 625 टन से 675 टन के बीच रह सकती है, जो 6 साल का निचला स्तर हो सकता है। ग्रामीण इलाकों से भारत की 50% से अधिक सोने की मांग आती है, जहां ग्रामीण आय पर दबाव सुधार की गति को सीमित कर सकता है। हालांकि, आगामी त्योहारी (दिवाली/धनतेरस) और शादी-ब्याह के सीजन दिसंबर तिमाही से ज्वैलरी मांग में कुछ रिकवरी की उम्मीद है।
Q3 में वैश्विक सोने की कुल मांग 1,368.6 टन रही, जो पिछले साल के 1,383.2 टन से मामूली कम है। ग्लोबल सेंट्रल बैंकों की खरीदारी 42% बढ़कर 321.2 टन हो गई जो दिसंबर 2024 तिमाही के बाद सबसे ज्यादा है। पोलैंड और चीन ने सबसे ज्यादा सोना खरीदा। WGC का अनुमान है कि 2026 में केंद्रीय बैंकों की खरीदारी 2025 के 848 टन के आंकड़े को छू सकती है।
जनवरी के अपने ऑल-टाइम हाई ($5,595/औंस) से सोने की कीमतों में तेज करेक्शन देखा गया है, जिसका मुख्य कारण ईरान युद्ध के बीच कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और ऊंची ब्याज दरें हैं।
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